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PM Modi Birthday: गुजरात मॉडल के दम पर सत्ता में जमाया पैर, ऐतिहासिक फैसले लिए; पढ़ें PM मोदी का सियासी सफर
Tue, 17 Sep 2024 11:39 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 17 Sep 2024 11:39 AM IST
सार
गुजरात में भाजपा संगठन को मजबूत करने में पीएम मोदी की अहम भूमिका रही। सात अक्तूबर 2001 में नरेंद्र मोदी को केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री का मुख्यमंत्री बनाया गया था। सीएम बनने के बाद 24 फरवरी 2002 को पहली बार राजकोट उपचुनाव में जीत हासिल की थी।
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पीएम मोदी
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर भाजपा समेत राजनीतिक दलों के नेताओं और अन्य जानीमानी हस्तियों ने शुभकामनाएं दीं। विदेश से भी पीएम मोदी को जन्मदिन के शुभकामना संदेश भेजे गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर विपक्ष के मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पीएम मोदी अपने जन्मदिन के मौके पर ओडिशा में हैं। यहां वे राज्य को सुभद्रा योजना की सौगात देंगे। पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन भी पूरे हो गए हैं। पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर आज उनके निजी जीवन से लेकर राजनीतिक करियर के बारे में विस्तार से जानेंगे।
बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी हैं। वह अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जिस पर बचपन में नरेंद्र मोदी भी काम किया करते थे। पीएम मोदी बचपन से ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। उन्होंने संघ के प्रांत प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। साल 1972 में नरेंद्र मोदी खुद संघ प्रचारक बन गए और कई सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लिया। संगठन और सामाजिक काम करते हुए पीएम मोदी साल 1981 में प्रांत प्रचारक बने। इस दौरान उन्हें आरएसएस की विभिन्न शाखाओं जैसे भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद आदि के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई।
गुजरात मॉडल के दम पर सत्ता में जमाया पैर
गुजरात में संघ का काम करते हुए पीएम मोदी की संगठन क्षमता की गूंज पार्टी में दिल्ली तक पहुंची। लालकृष्ण आडवाणी साल 1986 में भाजपा के अध्यक्ष बने तो उन्होंने ही पीएम मोदी की संघ से भाजपा में एंट्री कराई और उन्हें पार्टी में संगठन मंत्री का पद दिया। गुजरात में भाजपा संगठन को मजबूत करने में पीएम मोदी की अहम भूमिका रही। सात अक्तूबर 2001 में नरेंद्र मोदी को केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री का मुख्यमंत्री बनाया गया था। सीएम बनने के बाद 24 फरवरी 2002 को पहली बार राजकोट उपचुनाव में जीत हासिल की थी। सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने देश को विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके दम पर भाजपा गुजरात में आज तक अंगद का पैर जमाकर सत्ता पर काबिज है।
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गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके बाद पूरे देश में उनकी एक अलग पहचान बनीं। इसी पहचान के दम पर उन्हें 2014 में उन्हें भाजपा ने पीएम पद का दावेदार घोषित किया गया। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और पीएम मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। देश की कमान संभालने के बाद पीएम मोदी ने कई ऐसे काम किए, जिसने विदेशों में भी उनकी एक अलग पहचान बनाईं। पीएम मोदी के मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश के विकास को गति दी तो सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है।
2019 और 2024 में भी पीएम मोदी का दबदबा
पीएम मोदी के कार्यों को देखते हुए लोकसभा चुनाव 2019 में देश की जनता ने उन्हें दूसरा मौका दिया। अपने दूसरे कार्यकाल में भी पीएम मोदी ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी भारत आज अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति पर है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध और चीन के आक्रामक रूख के खिलाफ पीएम मोदी ने जिस तरह से स्टैंड लिया है, साथ ही जी20 के सफल आयोजन और दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता ने उन्हें मजबूत वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित कर दिया है। 2024 लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने उन्हें एक और मौका दिया। अपने तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और साल 2047 तक देश को महाशक्ति बनाने की बात कर रहे हैं।
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बचपन से ही आरएसएस से जुड़ गए थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी हैं। वह अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जिस पर बचपन में नरेंद्र मोदी भी काम किया करते थे। पीएम मोदी बचपन से ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। उन्होंने संघ के प्रांत प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। साल 1972 में नरेंद्र मोदी खुद संघ प्रचारक बन गए और कई सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लिया। संगठन और सामाजिक काम करते हुए पीएम मोदी साल 1981 में प्रांत प्रचारक बने। इस दौरान उन्हें आरएसएस की विभिन्न शाखाओं जैसे भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद आदि के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई।
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गुजरात मॉडल के दम पर सत्ता में जमाया पैर
गुजरात में संघ का काम करते हुए पीएम मोदी की संगठन क्षमता की गूंज पार्टी में दिल्ली तक पहुंची। लालकृष्ण आडवाणी साल 1986 में भाजपा के अध्यक्ष बने तो उन्होंने ही पीएम मोदी की संघ से भाजपा में एंट्री कराई और उन्हें पार्टी में संगठन मंत्री का पद दिया। गुजरात में भाजपा संगठन को मजबूत करने में पीएम मोदी की अहम भूमिका रही। सात अक्तूबर 2001 में नरेंद्र मोदी को केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री का मुख्यमंत्री बनाया गया था। सीएम बनने के बाद 24 फरवरी 2002 को पहली बार राजकोट उपचुनाव में जीत हासिल की थी। सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने देश को विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके दम पर भाजपा गुजरात में आज तक अंगद का पैर जमाकर सत्ता पर काबिज है।
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गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके बाद पूरे देश में उनकी एक अलग पहचान बनीं। इसी पहचान के दम पर उन्हें 2014 में उन्हें भाजपा ने पीएम पद का दावेदार घोषित किया गया। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और पीएम मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। देश की कमान संभालने के बाद पीएम मोदी ने कई ऐसे काम किए, जिसने विदेशों में भी उनकी एक अलग पहचान बनाईं। पीएम मोदी के मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश के विकास को गति दी तो सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है।
2019 और 2024 में भी पीएम मोदी का दबदबा
पीएम मोदी के कार्यों को देखते हुए लोकसभा चुनाव 2019 में देश की जनता ने उन्हें दूसरा मौका दिया। अपने दूसरे कार्यकाल में भी पीएम मोदी ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी भारत आज अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति पर है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध और चीन के आक्रामक रूख के खिलाफ पीएम मोदी ने जिस तरह से स्टैंड लिया है, साथ ही जी20 के सफल आयोजन और दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता ने उन्हें मजबूत वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित कर दिया है। 2024 लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने उन्हें एक और मौका दिया। अपने तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और साल 2047 तक देश को महाशक्ति बनाने की बात कर रहे हैं।