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Hindi News ›   India News ›   Prime Minister Modi's surprise visit to Ground Zero in Leh, strong message given to both China and Pakistan

PM Modi in Leh: लेह में ग्राउंड जीरो पर प्रधानमंत्री मोदी का औचक दौरा, चीन और पाकिस्तान दोनों को दिया कड़ा संदेश

Fri, 03 Jul 2020 11:20 AM IST
Harendra Chaudhary न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 03 Jul 2020 11:20 AM IST
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Prime Minister Modi's surprise visit to Ground Zero in Leh, strong message given to both China and Pakistan
PM Modi in Leh - फोटो : ANI

लद्दाख में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे। प्रधानमंत्री का अचानक लेह पहुंचना चीन और पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। तनातनी के बीच लेह पहुंच कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे असली कमांडर हैं, जो मुश्किल वक्त में जरूरत पड़ने पर फ्रंट में आने से नहीं चूकते। लेह में प्रधानमंत्री ने आईटीबीपी, वायु सेना और थल सेना के जवानों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की और वरिष्ठ अधिकारियों से मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ली।

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प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह औचक दौरे पर लेह पहुंचे और उसक बाद हेलीकॉप्टर से लेह से 35 किमी दूर 11 हजार फीट पर स्थित निमू फारवर्ड पोस्ट पहुंचे और जवानों का मनोबल बढ़ाया। जांस्कर रेंज से घिरे सिंधु नदी के किनारे स्थित नीमू चीन सीमा की तरफ नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान एलओसी की तरफ पड़ता है।
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यह प्रधानमंत्री मोदी की हिस्मत है कि वे एक्लाइमेटाइज हुए बिना इतनी ऊंचाई पर स्थित फारवर्ड पोस्ट पर पहुंचे। सेना के जवानों को यहां की पोस्टिंग से पहले 15 दिनों तक एक्लाइमेटाइज होना अनिवार्य है, क्योंकि यह हाई एल्टीट्यूड एरिया है और सांस लेने में कठिनाई होती है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद गुपचुप रहा और किसी को इस बारे में खबर नहीं थी। इससे पहले शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सेना प्रमुख का लेह जाने का कार्यक्रम था। लेकिन उसे गुरुवार को अंतिम समय में रद्द कर दिया गया।
 
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इस दौरान नॉर्दन कमांडर लेंफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और 14 कॉर्प्स यानी फायर एंड फ्यूरी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से एलएसी के मौजूदा हालातों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद रहे। 

प्रधानमंत्री के इस औचक दौरे पर रिटायर्ड मेजर जनरल एसके सिन्हा का कहना है कि दोनों देशों में मौजूदा तनाव के बीच प्रधानमंत्री का लद्दाख में ग्राउंड जीरो पर पहुंचना पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए कड़ा संदेश है। उनका कहना है कि चीन और पाकिस्तान दोनों को समझना चाहिए कि भारत दोनों मोर्चों पर लोहा ले सकता है। वहीं उन्होंने अपने इस औचक कदम से विपक्षी दलों को भी करारा जवाब दिया है।
 
15-16 जून को गलवां घाटी में हुई हिसंक झड़प के बाद प्रधानमंत्री के दौरे को बेहद अहम माना  रहा है। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि कुछ जवान घायल भी हुए थे। इस झड़प में चीन के भी काफी जवानों को नुकसान हुआ था, लेकिन चीन ने आंकड़ा जारी नहीं किया था। इससे पहले सेना प्रमुख ने ईस्टर्न लद्दाख के फॉरवर्ड पोस्ट का दौरा किया था और प्रधानमंत्री को हालात की विस्तृत जानकारी दी थी।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के खिलाफ अपने इरादे पहले ही स्पष्ट कर दिए थे। 17 जून को अपने भाषण में मोदी ने गलवां हिंसा में शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि देते हुए संदेश दिया था कि शहीदों का ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। चाहे स्थिति कुछ भी हो, परिस्थिति कुछ भी हो, भारत पूरी दृढ़ता से देश की एक-एक इंच जमीन की, देश के स्वाभिमान की रक्षा करेगा।

हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं, लेकिन हम अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते हैं। जब भी समय आया है, हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है।

 
साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा था कि हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता है। इस बारे में किसी को भी जरा भी भ्रम या संदेह नहीं होना चाहिए। भारत शांति चाहता है लेकिन भारत को उकसाने पर हर हाल में निर्णायक जवाब भी दिया जाएगा।

पिछले महीने के आखिरी रविवार को ही अपने रेडियो प्रोग्राम में 'मन की बात' में कहा था कि लद्दाख में भारत की जमीन पर आंख डालने वालों को सही जवाब दे दिया गया है। अगर भारत दोस्ती निभाना जानता है तो उसे ऐसे मौकों पर सही जवाब भी देना आता है। हमारे बहादुर सैनिकों ने यह साफ कर दिया कि वो किसी को भी भारत माता की आन पर आंच नहीं डालने देंगे।

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