फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Price will increase: Government will buy 66 crore doses of Covishield, Covaccine at higher rates

बढ़ेंगे दाम: कोविशील्ड और कोवाक्सिन की 66 करोड़ खुराकें ज्यादा दरों पर खरीदी जाएंगी, आप पर नहीं होगा असर

Sat, 17 Jul 2021 04:22 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 17 Jul 2021 04:22 PM IST
सार

सरकार घरेलू दवा कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट व भारत बायोटेक से अब ज्यादा दाम पर टीके खरीदेगी। नई कोविड-19 टीका खरीद नीति के अनुसार संशोधित दरों पर यह खरीदी होगी। 
 

विज्ञापन
Price will increase: Government will buy 66 crore doses of Covishield, Covaccine at higher rates
कोविशील्ड और कोवाक्सिन वैक्सीन - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

केंद्र सरकार ने देश की दोनों टीका कंपनियों से वैक्सीन की खरीदी के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनियां दाम बढ़ाने की मांग कर रही थीं। सरकारी सूत्रों के अनुसार अगस्त से दिसंबर के बीच कोविशील्ड और कोवाक्सिन टीकों की 66 करोड़ खुराक नई दरों से खरीदी जाएगी। इसका ऑर्डर दे दिया गया है। अभी तक ये खुराक 150 रुपये की दर से खरीदी जा रही थीं। 

विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिसंबर तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड की 37.5 करोड़ खुराकें और भारत बायोटेक की कोवाक्सिन की 28.5 करोड़ खुराकें खरीदी जाएंगी। सूत्रों ने बताया कि अगस्त और दिसंबर के बीच कोविड-19 टीकों-कोविशील्ड और कोवाक्सिन की 66 करोड़ और खुराकें क्रमश: 205 रुपये और 215 प्रति खुराक के हिसाब से खरीदी जाएगी, जिसमें कर शामिल नहीं होगा। कर सहित कोविशील्ड की कीमत 215.25 रुपये प्रति खुराक और कोवैक्सीन की 225.75 रुपये प्रति खुराक है।

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अभी 150 रुपये प्रति खुराक की दर से दोनों टीकों को खरीद रहा है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि नई कोविड-19 टीका खरीद नीति के प्रभाव में आने के बाद से कीमतें संशोधित की जाएंगी। नई नीति के तहत मंत्रालय देश में दवा कंपनियों द्वारा निर्मित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दवा कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने दोनों दवा कंपनियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने को कहा है। टीका निर्माता कंपनियों ने भी संकेत दिया है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश के समय प्रति खुराक 150 रुपये प्राप्त करना उनके लिए व्यवहारिक नहीं है। केंद्र सरकार ने प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण की मांग के बाद इससे पहले राज्यों और निजी अस्पतालों को 50 प्रतिशत टीके की खरीद की अनुमति दी थी।

हालांकि कई राज्यों द्वारा धन जुटाने समेत कई तरह की समस्याओं की शिकायत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ जून को टीका दिशानिर्देश की समीक्षा की घोषणा की। घरेलू टीका निर्माता कंपनियों को निजी अस्पतालों को अपने मासिक उत्पादन का 25 प्रतिशत देने का विकल्प दिया गया है। 


सरकार द्वारा ज्यादा दरों पर टीके खरीदने का आम जनता पर असर नहीं होगा, क्योंकि देश में सरकारी अस्पतालों व अन्य केंद्रों पर मुफ्त में टीके लगाए जा रहे हैं। इसका खर्च केंद्र सरकार उठा रही है। हां, निजी अस्पतालों में टीके लगाने पर तय शुल्क चुकाना होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed