PCI: प्रेस काउंसिंल के निर्देश, किन्नर जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचें; ट्रांसजेंडर महिला का करें उपयोग
काउंसिल ने ट्रांसजेंडर शब्द से बचने के लिए कहा है, इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर एक विशेषण है। यहां पर ट्रांसजेंडर व्यक्ति, ट्रांसवुमेन, ट्रांसमेन या ट्रांस व्यक्ति का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने एलजीबीटीक्यू समुदाय से संबंधित समाचारों को कवर करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें पत्रकारों से किन्नर या सेक्स-चेंज सर्जरी जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने और उनके स्थान पर क्रमश: ट्रांसजेंडर महिला और लिंग जेंडर अफर्मेटिव सर्जरी का चयन करने को कहा गया। पीसीआई ने एलजीबीटीक्यूआईए के नाम, फोटो, घर या कार्यस्थल के पते का खुलासा करने से पहले पत्रकारों से अनुमति लेने के लिए कहा है।
काउंसिल ने ट्रांसजेंडर शब्द से बचने के लिए कहा है, इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर एक विशेषण है। यहां पर ट्रांसजेंडर व्यक्ति, ट्रांसवुमेन, ट्रांसमेन या ट्रांस व्यक्ति का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। एलजीबीटीक्यू की पहचान और रिश्तों का उल्लेख करते समय कथित शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। जैसे कि कथित ट्रांसजेंडर व्यक्ति, या कथित रिश्ते।
काउंसिल ने पत्रकारों को ये भी निर्देश दिया कि अगर किसी व्यक्ति ने सर्जरी के माध्यम से अपना लिंग बदल लिया है तो पत्रकारों उस व्यक्ति की पिछली पहचान पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए। पत्रकारों को यह बताने से बचना चाहिए कि वह व्यक्ति सर्जरी से पहले पुरुष था या महिला। पीसीआई ने समलैंगिक शब्द का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने का निर्देश दिया। पीसीआई ने कहा कि वैज्ञानिक और नैदानिक प्रवचन के अलावा, इस शब्द का मनोवैज्ञानिक विकार के लिए पुराना और बदनाम अर्थ है। इसके अलावा यौन प्राथमिकता, विशेष अधिकार और गे लाइफस्टाइल जैसे शब्दों से बचने की भी सलाह दी है। पीसीआई ने समलैंगिक, उभयलिंगी, अलैंगिक आदि शब्दों को अपमानजनक माना है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने कहा, इन निर्देशों का उद्देश्य लिंग, कामुकता, इसकी शर्तों और इस्तेमाल की समझ को बढ़ाना है।