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विपक्ष की एकता का पहला टेस्ट है राष्ट्रपति चुनाव - सीताराम येचुरी
amarujala.com: शशिधर पाठक
Updated Tue, 02 May 2017 09:24 AM IST
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सीताराम येचुरी
- फोटो : ANI
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माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि विपक्षी दलों की एकता का पहला टेस्ट आगामी राष्ट्रपति पद का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती है और समय की जरूरत भी। समाजवादी चिंतक, विचारक, नेता स्व. मधु लिमये को उनके 95 वें जन्मदिन पर याद करते हुए सीताराम येचुरी ने कहा कि उनके विचार और दृष्टि में आधुनिक भारत के निर्माण का चरित्र था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सब मिलजुलकर एक परिस्थिति का निर्माण आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सामाझा उम्मीदवार खड़ा करके इस लक्ष्य को हासिल करें।
येचुरी ने कहा कि देश का राष्ट्रपति कैसा हो, यह एक चुनौती है और धर्म निरपेक्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करने वाले दलों इसके लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। माकपा महासचिव ने कहा कि यह समय इसे तय करने का नहीं है कि वर्ग संघर्ष के जरिए आधुनिक भारतीय चरित्र का निर्माण होगा या फिर जाति संघर्ष से। उन्होंने कहा कि यह वह समय है जिसमें समाजवादी, वामपंथी, कांग्रेसी सभी विचारधाराओं को साथ आना होगा।
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येचुरी ने कहा कि देश का राष्ट्रपति कैसा हो, यह एक चुनौती है और धर्म निरपेक्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करने वाले दलों इसके लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। माकपा महासचिव ने कहा कि यह समय इसे तय करने का नहीं है कि वर्ग संघर्ष के जरिए आधुनिक भारतीय चरित्र का निर्माण होगा या फिर जाति संघर्ष से। उन्होंने कहा कि यह वह समय है जिसमें समाजवादी, वामपंथी, कांग्रेसी सभी विचारधाराओं को साथ आना होगा।
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इशारों में किया नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार
महासचिव सीताराम येचुरी
- फोटो : amar ujala
येचुरी ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया और देश में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाडऩे के प्रयास तथा घ्रुवीकरण की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय में 1 प्रतिशत लोगों के पास देश के 49 प्रतिशत लोगों के बराबर की अर्थ व्यवस्था थी। लेकिन पिछले दो साल के भीतर इन एक प्रतिशत लोगों की आय तेजी से बढ़ी है और 58 प्रतिशत लोगों के बराबर इनकी अर्थव्यवस्था है। इस तरह से गरीब लगातार गरीब हो रहा है और अमीर तेजी से अमीर हो रहा है।
सीताराम येचुरी ने तीन तलाक के मुद्दे को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में तीन तलाक के नाम गलत होता है, वह उसके सख्त खिलाफ है। लेकिन यदि कोई बिना तीन तलाक के ही अपनी पत्नी को छोड़ जाता है तो उसका क्या होगा? जब येचुरी ने यह तंज कसा तो हॉल ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल येचुरी ने ईशारे में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दु:खती रग पर हाथ रख दिया था।
सीताराम येचुरी ने तीन तलाक के मुद्दे को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में तीन तलाक के नाम गलत होता है, वह उसके सख्त खिलाफ है। लेकिन यदि कोई बिना तीन तलाक के ही अपनी पत्नी को छोड़ जाता है तो उसका क्या होगा? जब येचुरी ने यह तंज कसा तो हॉल ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल येचुरी ने ईशारे में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दु:खती रग पर हाथ रख दिया था।