पद्म सम्मान: राष्ट्रपति ने 2021 के लिए 119 लोगों को पद्म पुरस्कारों से किया सम्मानित
राष्ट्रपति ने आज सात पद्मविभूषण, 10 पद्मभूषण और 102 पद्मश्री प्रदान किए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बांग्लादेशी नागरिक कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर को साल 2021 के पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में मंगलवार को 2021 के पद्म पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस साल सात पद्म विभूषण, 10 पद्मभूषण और 102 पद्मश्री प्रदान किए गए। पद्म पुरस्कार पाने वालों में 29 महिलाएं हैं। वहीं, 16 लोगों को मरणोपरांत सम्मान दिया गया, जबकि इस वर्ष सम्मान पाने वालों में एक ट्रांसजेंडर भी है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर मौजूद रहे।
पद्म पुरस्कारों के माध्यम से, सरकार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, जनसेवा, लोक सेवा, व्यापार और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ‘विशिष्ट कार्य’ को मान्यता देती है। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्मश्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। नरेंद्र मोदी सरकार 2014 से पद्म पुरस्कारों से कई गुमनाम नायकों को सम्मानित कर रही है, जो विभिन्न तरीकों से समाज में योगदान दे रहे हैं
#WATCH | Transgender folk dancer of Jogamma heritage and the first transwoman President of Karnataka Janapada Academy, Matha B Manjamma Jogati receives the Padma Shri award from President Ram Nath Kovind. pic.twitter.com/SNzp9aFkre
— ANI (@ANI) November 9, 2021
1971 युद्ध के नायक कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर को पद्मश्री
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बांग्लादेशी नागरिक कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर को साल 2021 के पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा। कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर को सन 1971 के युद्ध नायक के तौर पर जाना जाता है। कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर साल 1969 के अंत में पाकिस्तानी सेना में शामिल हुए थे। उनकी नियुक्ति आर्टिलरी कोर में हुई थी। पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में पाकिस्तानी सेना की ओर से की किए जा रहे बर्बर अत्याचारों को देखकर कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर देश छोड़कर भारत पहुंचे थे। कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर ने तब भारतीय सेना से संपर्क स्थापित किया और साल 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तब पाकिस्तानी सेना ने उनके खिलाफ मौत की सजा का वारंट जारी किया था जो आज तक जारी है।
पिछड़ों का उत्थान जारी रखूंगी
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णम्मल जगन्नाथन को इस वर्ष के पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से यह पुरस्कार पाकर मैं बहुत खुश हूं। अपने सामाजिक कार्यों को जारी रखना और पददलित लोगों का उत्थान करना मेरे लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।
लद्दाख के छोंजोर बने मिसाल
जो सही है वह होना चाहिए। उसके लिए किसी का इंतजार क्यों करना। कुछ इसी विचार के साथ लद्दाख के जुनूनी सामाजिक कार्यकर्ता छुल्टिम छोंजोर ने 40 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। छोंजोर ने अकेले ही लद्दाख के रामजक से कारग्याक गांव तक एनपीडी रोड का निर्माण किया था।