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प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय: छात्रों के लगातार आंदोलन के चलते डीन ने छोड़ा परिसर
Thu, 20 Feb 2020 06:12 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 20 Feb 2020 06:12 PM IST
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प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय
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कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण मैती ने विश्वविद्यालय के घेराव के चलते बुधवार सुबह 10 बजे कैंपस छोड़ दिया। छात्रों का यह घेराव-प्रदर्शन लगातार छह दिनों से चल रहा था।
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विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी कि मैती 13 फरवरी को 3.30 बजे छात्रों से घिर चुके थे। इसके बाद उन्होंने बुधवार को परिसर छोड़कर अपनी कार में सवार हुए और निकल गए। यही नहीं छात्रों की घेराबंदी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि 30 आंदोलनकारी छात्र परिसर की गैलरी में ही सो गए।
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छात्र अपने आंदोलन पर पूरी तरह से अड़े हुए हैं। इनका कहना है कि जब तक हमें आश्वासन नहीं मिल जाता कि हमारे मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए पूरा किया जाएगा, तब तक हम डीन के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते रहेंगे।
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छात्रों की मांग है कि उन्हें हिंदू हॉस्टल के तीन मरम्मत किए जा रहे वार्डों में तत्काल प्रवेश दिया जाए और साल्ट लेक में लड़कियों के छात्रावास के लिए उचित स्वच्छता सुविधाएं भी मिलें। छात्रों का कहना है कि हमने आंदोलन करने से पहले हमने डीन से बहुत आग्रह किया कि हॉस्टल में हमारी मजबूरी को समझें।
एक छात्र ने बताया कि डीन हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लेते और हमारी समस्याओं के समाधान से साफ इंकार कर देते हैं। हमारे मुद्दों पर आश्वासन देने के लिए केवल कुलपति ही एक सक्षम अधिकारी हैं।