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क्रिकेटर मो. शमी के भाई को मुकदमे में क्लीनचिट की तैयारी

Tue, 12 Jul 2016 05:49 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, अमरोहा
ब्यूरो/ अमर उजाला, अमरोहा Updated Tue, 12 Jul 2016 05:49 AM IST
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Preparing to give cleanchit to Cricketer Mo Shami's brother
मोहम्मद शमी

पशु तस्करी के आरोपी को जबरन छुड़ाने के मामले में भले ही पुलिस कह रही है कि मुकदमे में किसी को बख्शा नहीं जाएगा,  लेकिन अंदरखाने उसने क्रिकेटर मो. शमी के भाई को क्लीनचिट देने की तैयारी शुरू कर दी है। घटना को करीब छह महीने बीतने वाले हैं, किन्तु पुलिस की जांच पूरी नहीं हो सकी है। न ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जा सकी है। विवेचक की बात पर यकीन करें तो पड़ताल चल रही है। शीघ्र ही चार्जशीट लगाई जाएगी।

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गत 13 जनवरी 2016 को डिडौली कोतवाली में पशु तस्कर को जबरन छुड़वाने के मामले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बड़े भाई हसीब पुत्र तौसीफ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह रिपोर्ट एसआई प्रदीप कुमार भारद्वाज ने लिखाई थी, जिसमें गांव सहसपुर अलीनगर के रहने वाले रिजवान, बाबू, तहजीब व फहीम को भी नामजद किया गया था। आरोप था कि एक राय  होकर वादी के साथ गाली गलौज की व अभियुक्त रिजवान को भगा दिया। अन्य और आरोप भी शामिल हैं। देर रात तक पुलिस ने उनको कोतवाली में बैठाए रखा था। इससे काफी हंगामा रहा था।
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मामला सीएम स्तर तक पहुंच जाने के बाद अफसर बैकफुट पर आए थे। आनन फानन उनको कोतवाली से जमानत पर छोड़ दिया था। अब मुकदमे को करीब छह माह होने को हैं, लेकिन पुलिस की पड़ताल ठीक से आगे नहीं बढ़ सकी है। जिस चार्जशीट को 60 या 90 दिन के अंदर दाखिल कर देना चाहिए, उसको दोगुना समय लग गया है। साफ है कि पुलिस मामले में क्रिकेटर के भाई को क्लीनचिट देने की सोच रही है। इसलिए अभी तक उसने कोई एक्शन नहीं लिया है। 

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क्या था मामला?

Preparing to give cleanchit to Cricketer Mo Shami's brother
गाय तस्करी - फोटो : Reuters

सहसपुर 13 जनवरी 2016 को अली नगर निवासी रिजवान को शाम पांच बजे कोतवाली पुलिस ने पशु तस्करी के शक में पकड़ा था। पता चलने पर हसीब व अन्य लोग वहां पहुंच गए थे। जिसे छुड़ाने को लेकर हसीब की दरोगा से हाथापाई हो गई थी। हंगामा होने पर रिजवान तो चला गया था, जबकि हसीब को कोतवाली में ही पुलिस ने बैठा लिया था। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला कायम कर लिया था। देर रात तक वह कोतवाली में बैठे रहे थे। सीएम तक मसला पहुंचने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के तेवर नरम पड़ गए थे। थाने से ही उनको जमानत दे दी थी। जिसकी विवेचना अभी तक चल रही है।

इस बारे में मामले के विवेचक अजय कुमार त्यागी कहा, 'मामले की जांच चल रही है। प्रत्येक बिंदु को ध्यान में रखा जा रहा है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।'


लेकिन थाने के कोतवाल और विवेचक के बयान में अंतर आ गया। क्रिकेटर मो. शमी के भाई हसीब के मुकदमे को लेकर कोतवाल व विवेचक के बयान बिल्कुल जुदा हैं। जहां कोतवाल एसएस सिंह मसले में चार्जशीट दाखिल होने की बात कह रहे हैं, वहीं विवेचक का कहना है कि कोतवाली प्रभारी अभी नए आए हैं। मसले की जांच मैं खुद कर रहा है। अभी उनको इसकी ठीक से जानकारी नहीं है। केवल जांच ही चल रही है। 
 

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