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Prashant Suresh: मां सफाईकर्मी तो पिता चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी, नौवीं बार में पास की UPSC सिविल सेवा परीक्षा

Thu, 18 Apr 2024 03:46 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 18 Apr 2024 03:46 PM IST
सार

सुरेश ने बताया कि माता-पिता पढ़ाई बंद करके वापस घर लौटने का दबाव भी बना रहे थे लेकिन मुझे विश्वास था कि एक दिन मैं अपने लक्ष्य को हासिल कर लूंगा।

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Prashant Suresh Passed UPSC CSE 2023 in ninth attempt Son of civic sweeper
UPSC - फोटो : ANI

विस्तार

सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाली मां के बेटे ने यूपीएससी- 2023 में सफलता हासिल की। हम बात कर रहे हैं ठाणे के रहने वाले प्रशांत सुरेश भोजने की। 32 साल के युवक का हमेशा सपना रहा कि वह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करे। मंगलवार को जारी हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- 2023 के परिणामों की सूची में भोजने का नाम भी था। उन्होंने 849 रैंक हासिल करे। उनका कहना है कि उनके सामने कई मुसीबतें आईं पर उन्होंने सभी परेशानियों का मुकाबला किया और नौवें प्रयास में सफलता हासिल की।

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साल 2015 से सिविल सर्विसेज की तैयारी
भोजने ठाणे के खरतन रोड स्थित स्वीपर्स कॉलोनी के रहवासी हैं। उनकी मां ठाणे नगर निगम (टीएमसी) में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनके पिता नगर निकाय में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। उनकी मां ने बताया कि बेटे ने इंजीनियरिंग की है लेकिन उस क्षेत्र में नौकरी करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वह हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहता था। भोजने ने बताया कि उन्होंने साल 2015 से सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्हें साल 2020 में दिल्ली की एक प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर में काम मिला, जहां उन्हें छात्रों के मॉक पेपर चेक करने की जिम्मेदारी दी गई। 

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घर लौटने का दबाव बनाता था परिवार
उन्होंने आगे बताया कि इस तरह मैं अपनी तैयारी के साथ-साथ आजीविका भी चला पा रहा था। उनके माता-पिता पढ़ाई बंद करके वापस घर लौटने का दबाव भी बना रहे थे लेकिन मुझे विश्वास था कि एक दिन मैं अपने लक्ष्य को हासिल कर लूंगा। सुरेश के पिता ने बताया कि बेटे ने परीक्षा पास कर लिया है, इससे मैं बहुत खुश हूं। पहले मुझे लगता था कि वह नौकरी करे लेकिन अब लगता है कि उसने जो फैसला किया वह बिलकुल सही है।  

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किस वर्ग के कितने उम्मीदवार?
यूपीएसी में सफलता पाने वाले 1016 उम्मीदवारों में 347 सामान्य वर्ग, 115 ईडब्ल्यूएस, 303 अन्य पिछड़ा वर्ग, 165 अनुसूचित जाति और 86 अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।

आईएएस के लिए 80 उम्मीदवारों का चयन
इस बार आईएएस सेवा के लिए 180 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिसमें 73 सामान्य वर्ग, 17 ईडब्ल्यूएस, 49 अन्य पिछड़ा वर्ग, 27 अनुसूचित जाति और 14 अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।

37 उम्मीदवार बनेंगे आईएफएस अफसर
ऐसे ही आईएफएस सेवा के लिए 37 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिसमें 16 सामान्य वर्ग, 4 ईडब्ल्यूएस, 10 अन्य पिछड़ा वर्ग, 5 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।

आईपीएस सेवा के लिए 200 उम्मीदवारों का चयन
इसके साथ आईपीएस सेवा के लिए 200 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिसमें 80 सामान्य वर्ग, 20 ईडब्ल्यूएस, 55 अन्य पिछड़ा वर्ग, 32 अनुसूचित जाति और 13 अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।

सेंट्रल सर्विस ग्रुप 'A' और 'B' के लिए इतनों का चयन
यूपीएससी की ओर से जारी परिणामों में सेंट्रल सर्विस ग्रुप 'A' के लिए कुल 613 और ग्रुप 'B' सर्विसेस के लिए 113 उम्मीदवार चयनित हुए हैं।

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