महाभियोग खारिज होने पर कांग्रेस बोली- संविधान का गला मत घोटिए, जानिए किसने क्या कहा
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उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों द्वारा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज कर दिया है। उनके इस फैसले पर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर किस आधार पर नायडू ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है?
वहीं महाभियोग प्रस्ताव के खारिज होने पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि राज्यसभा के सभापति प्रस्ताव के नोटिस पर निर्णय नहीं दे सकते हैं क्योंकि उनके पास प्रस्ताव की योग्यता का निर्णय करने का कोई अधिकार नहीं है। यह लड़ाई असल में लोकतंत्र को अस्वीकार करने और लोकतंत्र को बचाने के बीच की है। यदि सब कुछ राज्यसभा अध्यक्ष के सामने ही साबित करना है तो संविधान और 3 सदस्यीय जजों की समिति द्वारा किए जाने वाली जांच के एक्ट का कोई औचित्य नहीं है। संविधान का गला ना घोटें बीजेपी।
अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर भूषण ने कहा- क्या वेंकैया नायडू ने 64 राज्सयभा सांसदों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज कर दिया है? किस आधार पर उन्होंने ऐसा किया? उन्हें यह कहने का कोई अधिकार नहीं है कि लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। आरोपों की जांच तीन जजों की समिति करती है। उन्हें केवल यह देखना चाहिए कि इसपर 50 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं और सीजेआई पर दुर्वव्यहार के आरोप लगे हैं।
दीपक मिश्रा को हटाने वाले प्रस्ताव को उप-राष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने पर पूर्व जज आरएस सोढ़ी ने कहा- आप जानते थे कि आपके पास कोई आधार नहीं है। आप जानते थे कि आप उन्हें नहीं हटा सकते। यह सब जानने के बाद भी आप आगे बढ़े। इसे एक गलत सलाह वाला कदम कहा जाएगा।
महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है। हमें प्रस्ताव के रद्द होने के कारणों का नहीं पता है। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां कुछ कानूनी विशेषज्ञों से बात करेगी और उसके बाद अगला कदम उठाएगी।
शिवसेना के नेता अरविंद सांवत ने महाभियोग नोटिस के खारिज होने पर कहा है कि दोनों ही पार्टियां गंदी राजनीति कर रही हैं और जिस तरह से महाभियोग के प्रस्ताव को खारिज किया गया है वह भी राजनीतिक है। उन्हें इंतजार करना चाहिए था। इतनी जल्दी प्रस्ताव को खारिज करने की जरूरत नहीं थी।
What!! VP Naidu rejects impeachment motion against CJI signed by 64 RS MPs! On what grounds? He has no power to say that charges are not made out. That's for the inquiry committee of 3 judges. He only has to see if it's signed by >50 MPs & possibly if charges are of misbehaviour
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) April 23, 2018