Pranab Mukherjee: हालत में नहीं हो रहा सुधार, श्वसन संक्रमण का हो रहा है इलाज
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भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है। वे अचैतन्य अवस्था में हैं और उनका श्वसन संक्रमण का इलाज चल रहा है। दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं। उन्हें लगातार जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
The condition of former president Pranab Mukherjee remains unchanged this morning. He is deeply comatose and is being treated for respiratory infection. His vital parameters are stable and he continues to be on ventilatory support: Army Hospital (R&R), Delhi Cantt (File Photo) pic.twitter.com/InDdaO90oh
— ANI (@ANI) August 22, 2020विज्ञापन
इससे पहले शुक्रवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति स्थिर बनी हुई है। फेफड़ों के संक्रमण के लिए उनका इलाज किया जा रहा है और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।
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वहीं गुरुवार को अस्पताल की ओर से बताया गया था कि मुखर्जी के श्वसन संबंधी मापदंडों में हल्का सुधार आया है, लेकिन अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। 84 साल के मुखर्जी को 10 अगस्त को सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। इससे पहले कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई थी।
बुधवार को बढ़ गया था फेफड़ों में संक्रमण
बुधवार (19 अगस्त) को अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति की फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। इससे एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि उनके पिता की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि 'आप सभी की शुभकामनाओं और डॉक्टरों के ईमानदार प्रयासों के कारण मेरे पिता की हालत अब स्थिर है। उनका स्वास्थ्य नियंत्रण में है और उसकी देखरेख की जा रही है।'