जेएनयू हिंसा पर बोले जावड़ेकर, लेफ्ट ने भाजपा-एबीवीपी को बदनाम करने के लिए रची हिंसा की साजिश
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जेएनयू बवाल पर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेएनएसयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई छात्रों पर ही गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'आज पुलिस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह तय हो गया है कि पिछले पांच दिनों से जो एबीवीपी और भाजपा के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे थे, वह सही नहीं है। यह जानबूझकर बनाया गया पूर्व नियोजित प्लान था। यह वामपंथी संगठन ही है जिसने हिंसा की साजिश रची थी, सीसीटीवी और सर्वर को नष्ट किया था।
Union Min Prakash Javadekar on #JNUViolence:Today's police press* conference established that for last 5 days the chorus that was created deliberately to blame ABVP,BJP&others, that wasn't true. It's the left organisations that pre-planned violence, disabled CCTV&destroyed server pic.twitter.com/fb0ZM4PZ2N
— ANI (@ANI) January 10, 2020विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के सबूत ने लेफ्ट को किया बेपर्दा : ईरानी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को जेएनयू हिंसा पर दिल्ली पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वामपंथियों द्वारा यूनिवर्सिटी में किए गए कारनामों पर से पर्दा उठ गया है। उन्होंने लेफ्ट पर परिसर को राजनीतिक युद्ध के मैदान में बदलने का आरोप लगाया।
स्मृति ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने हाथापाई की अगुवाई की, करदाताओं के भुगतान से बनी सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट किया, नए छात्रों को दाखिला लेने से रोक दिया, कैंपस को राजनीतिक युद्ध के मैदान के रूप में इस्तेमाल किया। दिल्ली पुलिस ने सबूत पेश किया उसके बाद यह सबको पता चल गया है कि जेएनयू में हिंसा के पीछे वामपंथी संगठन का हाथ था। उनका झूठ बेपर्दा हो गया है।
आइशी घोष ने कहा- हमारे पास भी हैं सबूत
वहीं पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार करते हुए आइशी घोष ने कहा कि हमने ही शिकायत की और हम पर ही ठीकरा फोड़ा जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सबूत दिखाने की बात पर आइशी ने कहा कि उसके पास भी सबूत हैं। उन्होंने कहा कि एक तरह से हमारे ऊपर ही आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के बोलने से कोई संदिग्ध नहीं हो जाता है। उनके पास सबूत भी होने चाहिए।आइशी ने आगे कहा कि अगर उनके पास कोई ऐसे सबूत हैं, जहां मैं लाठी या रॉड लिए दिख रही हूं या मारपीट कर रही हूं तो उसे दिखाएं। हमले के वक्त पुलिस मूकदर्शक बन कर खड़ी रही। उन्होंने कहा कि उन्हें न प्रॉक्टर पर भरोसा है और न ही कुलपति पर।