फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pragya Thakur's absence hampering blast trial, says court; seeks report on her health from NIA

NIA Court: सुनवाई में फिर पेश न होने पर अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर को लगाई फटकार, एनआईए से मांगी स्वास्थ्य रिपोर्ट

Wed, 03 Apr 2024 08:57 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 03 Apr 2024 08:57 PM IST
सार

अदालत द्वारा विशेष तौर पर निर्देशित करने के बाद भी सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर 11 मार्च को प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ 10,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। हालांकि 22 मार्च को इसे रद्द कर दिया गया था। अदालत ने छूट देते हुए ठाकुर को 3 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया था।

विज्ञापन
Pragya Thakur's absence hampering blast trial, says court; seeks report on her health from NIA
सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मालेगांव बम धमाके मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान पेश न होने से नाराज विशेष अदालत ने एनआईए से कहा कि पेशी के दौरान उनकी लगातार अनुपस्थिति से सुनवाई में परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं, विशेष अदालत ने एनआईए से भाजपा सांसद के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट भी मांगी है। बता दें कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी हैं। 
विज्ञापन


दरअसल, भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अपने वकील के माध्यम से स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट मांगी थी। इसके बाद अदालत ने नाराजगी जताते हुए यह आदेश दिया। विशेष न्यायाधीश ए के लाहोटी ने एनआईए से प्रज्ञा ठाकुर के स्वास्थ्य की पुष्टि करके रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इसके लिए अदालत ने एनआईए को आठ अप्रैल तक का समय दिया है। 
विज्ञापन


आज हुई सुनवाई के दौरान भाजपा सांसद के वकील ने फिर से छूट की मांग की। उसने दावा किया कि प्रज्ञा ठाकुर सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस और माइग्रेन से ग्रस्त हैं। अदालत में दाखिल किए गए अपने आवेदन में कहा गया है कि उनकी शारीरिक स्थिति नियंत्रण से बाहर है, वह डॉक्टरों की सलाह पर भोपाल में अपने घर पर इलाज करा रही हैं। वकील ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी और आवेदन के साथ एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान एनआईए ने भी अदालत में अपना पक्ष रखा। केंद्रीय एजेंसी ने अदालत को बताया कि चूंकि इस समय प्रज्ञा ठाकुर मुंबई में नहीं थीं, इसलिए वह उनके दावों की पुष्टि नहीं कर सकीं। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि कि अदालत द्वारा दिए गए पूर्व निर्देश उनके वकीलों की जानकारी में है। ऐसे में मामले की सुनवाई में देरी आरोपियों के पेश न होने के कारण है। 

गौरतलब है कि अदालत द्वारा विशेष तौर पर निर्देशित करने के बाद भी सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर 11 मार्च को प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ 10,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। हालांकि 22 मार्च को इसे रद्द कर दिया गया था। अदालत ने छूट देते हुए ठाकुर को 3 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर वे तय तारीख पर पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। अदालत के निर्देशों के बावजूद वे पेश नहीं हुईं।


क्या है मामला
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत वर्तमान में सीआरपीसी के तहत आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है। 29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र में मुंबई से लगभग 200 किमी दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल पर विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए थे। 2011 में एनआईए को हस्तांतरित होने से पहले महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते ने शुरुआत में मामले की जांच की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed