प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में गड़बड़ी बताओ, इनाम पाओ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महात्वाकांशी ग्रामीण आवास योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए कर्मचारियों ने कमर कस ली है। सरकार ने अपात्रों का नाम बताने वाले व्यक्ति को पांच हजार रूपये दिये जाने की घोषणा की है। इतना ही नहीं सरकार ने कहा है कि जिन कर्मचारियों के कारण अपात्रों का नाम सूची में जोड़ा गया होगा, उन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा और अगर इस भ्रष्टाचार में जनप्रतिनिधि के नाम सामने आते हैं तो उनका पद छिनेगा। इस बात की घोषणा मंगलवार को विधानसभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने की थी।
भार्गव ने माना कि 2011 के सामाजिक-आर्थिक सर्वे के आधार पर तैयार सूची में कुछ नाम छूटे हो सकते हैं। उन्होने बताया कि इस साल केंद्र से 4 लाख 48 हजार आवास मिले हैं। जो लोग इसमें छूट जाएंगे उन्हे अगली सूची में आवास दिए जाएंगे। मौजूदा सूची में अब कोई नया नियम नहीं जोड़ा जाएगा। ग्रामोदय अभियान के दौरान ग्रामसभाएं लगाकर सूचियां बनवायी जाएंगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना आने के बाद इंदिरा आवास योजना का कोई औचित्य नहीं रह गया है। जिन लोगों के नाम इंदिरा आवास योजना में आये होंगे, उन पर सूची तैयार होने के बाद विचार किया जाएगा।