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Poverty in India: देश में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे, छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा गरीब
Thu, 21 Jul 2022 10:00 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 21 Jul 2022 10:00 PM IST
सार
लोकसभा में गरीबी रेखा से जुड़े सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्रालय जानकारी देते हुए बताया कि देश की 21.9 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे आते हैं। ग्रामीण इलाके में रहने वाला जो व्यक्ति हर दिन 26 रुपये और शहर में रहने वाला व्यक्ति 32 रुपये भी खर्च नहीं कर पा रहा है तो वह गरीबी रेखा से नीचे माना जाएगा। राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा गरीब है। जबकि यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में 10 में से हर तीसरा व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे है।
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आंकड़ों के मुताबिक, गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली सबसे ज्यादा आबादी छत्तीसगढ़ की है। इस राज्य की 40 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रही है। झारखंड, मणिपुर, अरुणाचल, बिहार, ओडिशा, असम, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं, जहां की 30 फीसदी या उससे ज्यादा आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिता रही है।इन राज्यों में हर 10 में से तीसरा व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे आता है।
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लोकसभा में गरीबी रेखा से जुड़े सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्रालय जानकारी देते हुए बताया कि देश की 21.9 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे है। यह आंकड़े 2011-12 के हैं। उसके बाद से गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोगों का हिसाब नहीं लगाया गया। सरकार की गरीबी रेखा की परिभाषा के अनुसार, गांव में अगर कोई हर महीने 816 रुपये और शहर में 1000 रुपये खर्च कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में वो शख्स गरीबी रेखा के नीचे नहीं आएगा।
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भारत जब आजाद हुआ था, तब देश की करीब 80 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे आती थी। आजादी के 75 साल बाद करीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वील आबादी घटकर 22 फीसदी पर आ गई। हालांकि, अगर इसे संख्या के आधार पर देखा जाए तो कोई खास अंतर नहीं आया। देश की आजादी के वक्त 25 करोड़ जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे थी, अब 26.9 करोड़ जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है।