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अब पोस्ट ऑफिस के जरिए दाल बेचेगी सरकार
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sat, 15 Oct 2016 03:39 AM IST
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राज्यों में सरकारी दुकानें नहीं होने के कारण केंद्र सरकार देश भर के डाकघरों के जरिये रियायती दालें बेचेगी। त्योहारों के मौसम में सरकार खासकर तूअर, उड़द और चने की दाल की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहती है।
उपभोक्ता मामलों के सचिव हेम पांडे की अध्यक्षता में अंतर मंत्रालयी समिति ने शुक्रवार को एक बैठक में इस आशय का फैसला लिया। बैठक में खाद्य, उपभोक्ता मामले, कृषि, वाणिज्य एवं वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। राज्यों द्वारा संचालित एमएमटीसी और नाफेड के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चूंकि राज्यों में ज्यादा सरकारी दुकानें नहीं हैं, इसलिए हमने तय किया है कि रियायती दालों की बिक्री के लिए इतने बड़े डाकघरों के नेटवर्क को इस्तेमाल किया जाए। इससे त्योहारी मौसम में दालों की समस्या नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि चने की आपूर्ति और उसकी कीमत को काबू करने के लिए समिति ने सरकारी एजेंसियों से खुदरा बाजार में ज्यादा स्टॉक जारी करने का फैसला लिया है। देश भर में 1.54 लाख पोस्ट ऑफिस हैं, जिनमें से 1.39 लाख ग्रामीण इलाकों में हैं। केंद्र सरकार पिछले कई महीनों से अपने बफर स्टॉक में से उड़द और तूअर की दालें राज्य सरकारों और सरकारी एजेंसी जैसे नाफेड और मदर डेयरी को मुहैया करा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को दाल की महंगी कीमतों से बचाया जा सके।
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उपभोक्ता मामलों के सचिव हेम पांडे की अध्यक्षता में अंतर मंत्रालयी समिति ने शुक्रवार को एक बैठक में इस आशय का फैसला लिया। बैठक में खाद्य, उपभोक्ता मामले, कृषि, वाणिज्य एवं वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। राज्यों द्वारा संचालित एमएमटीसी और नाफेड के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चूंकि राज्यों में ज्यादा सरकारी दुकानें नहीं हैं, इसलिए हमने तय किया है कि रियायती दालों की बिक्री के लिए इतने बड़े डाकघरों के नेटवर्क को इस्तेमाल किया जाए। इससे त्योहारी मौसम में दालों की समस्या नहीं होगी।
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उन्होंने कहा कि चने की आपूर्ति और उसकी कीमत को काबू करने के लिए समिति ने सरकारी एजेंसियों से खुदरा बाजार में ज्यादा स्टॉक जारी करने का फैसला लिया है। देश भर में 1.54 लाख पोस्ट ऑफिस हैं, जिनमें से 1.39 लाख ग्रामीण इलाकों में हैं। केंद्र सरकार पिछले कई महीनों से अपने बफर स्टॉक में से उड़द और तूअर की दालें राज्य सरकारों और सरकारी एजेंसी जैसे नाफेड और मदर डेयरी को मुहैया करा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को दाल की महंगी कीमतों से बचाया जा सके।
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