फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Population based delimitation will reduce LS seats for Tamil Nadu: CM Stalin in all party meeting

Tamil Nadu: 'जनसंख्या आधारित परिसीमन से तमिलनाडु की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी', सर्वदलीय बैठक में बोले स्टालिन

Wed, 05 Mar 2025 10:38 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 05 Mar 2025 10:38 AM IST
सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को लोकसभा सीटों के परिसीमन पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने दक्षिणी राज्यों के सांसदों और पार्टी प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त कार्रवाई समिति का प्रस्ताव रखा। सर्वदलीय बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
Population based delimitation will reduce LS seats for Tamil Nadu: CM Stalin in all party meeting
एमके स्टालिन - फोटो : PTI

विस्तार

चेन्नई में एक प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में जनसंख्या आधारित परिसीमन का कड़ा विरोध किया गया। वर्ष 1971 की जनगणना को 2026 से 30 वर्षों के लिए लोकसभा सीट के परिसीमन का आधार बनाया जाना चाहिए। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि अगर संसद में सीट की संख्या बढ़ाई जाती है, तो 1971 की जनगणना को इसका आधार बनाया जाना चाहिए।

विज्ञापन


दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को लोकसभा सीटों के परिसीमन पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने दक्षिणी राज्यों के सांसदों और पार्टी प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त कार्रवाई समिति का प्रस्ताव रखा। सर्वदलीय बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है।
विज्ञापन


मुख्य विपक्षी दल AIADMK, कांग्रेस और वामपंथी दल, अभिनेता-राजनेता विजय की TVK सहित अन्य ने बैठक में भाग लिया। भाजपा, तमिल राष्ट्रवादी नाम तमिलर काची (NTK) और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीके वासन की तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) ने बैठक का बहिष्कार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा को तमिलों का दुश्मन करार दिया
इसके अलावा स्टालिन ने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को तमिलों का दुश्मन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार वोट की खातिर तमिल भाषा के प्रति केवल दिखावटी प्रेम रखती है। ‘हिंदी थोपे जाने का विरोध’ विषय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित पत्र में स्टालिन ने इस मुद्दे पर द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के संस्थापक नेता सीएन अन्नादुरई के विचारों को याद किया। उनके अनुसार दशकों पहले अन्ना ने कहा था कि पार्टी का उद्देश्य हिंदी का विरोध करना नहीं है, बल्कि तमिल सहित भारतीय भाषाओं को समान मान्यता दिलाना है।


'वोट की खातिर तमिल को केवल दिखावटी समर्थन दे रही भाजपा'
स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा दावा करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल को बहुत सम्मान देते है और त्रिभाषा फार्मूला राज्यों की भाषाओं के विकास के लिए है, लेकिन तमिल और संस्कृत के लिए धन के आवंटन में अंतर से यह स्पष्ट है कि वे तमिल के दुश्मन हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'केंद्र सरकार पूरी तरह से भाषाई आधिपत्य की भावना के साथ काम कर रही है और वोट की खातिर तमिल को केवल दिखावटी समर्थन दे रही है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed