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Hindi News ›   India News ›   Pollution PM2.5 and PM10 levels also decreased compared to 2024 Delhi average AQI is better this year

प्रदूषण: दिल्ली का औसत एक्यूआई इस साल बेहतर, कम जली पराली; 2024 की तुलना में पीएम2.5 और पीएम10 का स्तर भी घटा

Tue, 11 Nov 2025 04:59 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 11 Nov 2025 04:59 AM IST
सार

इस साल दिल्ली की हवा में थोड़ी राहत मिली है। पीएम2.5 और पीएम10 के स्तर घटकर 75 और 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गए। मुख्य वजह पराली जलाने में कमी है। पंजाब में 15 सितंबर से 9 नवंबर तक पराली जलाने के मामले 35% कम हुए और हरियाणा में 65% कम। यानी प्रदूषण घटा, हवा थोड़ी साफ हुई है।

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Pollution PM2.5 and PM10 levels also decreased compared to 2024 Delhi average AQI is better this year
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Google Gemini

विस्तार

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि इस साल दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। 1 जनवरी से 9 नवंबर के बीच औसत एक्यूआई 175 दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 189 था। पीएम2.5 और पीएम10 का स्तर भी घटकर 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया है, जो 2024 में क्रमशः 87 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 191 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।

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आयोग ने एक बयान में कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में भारी गिरावट देखी गई है। पंजाब में इस साल 15 सितंबर से 9 नवंबर के बीच 4,062 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल इसी अवधि के 6,266 मामलों से 35.2 फीसदी कम है। हरियाणा में 65.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जहां 2024 में सिर्फ 333 आग की घटनाएं हुईं, जबकि 2024 में यह संख्या 959 थी।
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पैनल ने कहा कि पराली जलाने के विरुद्ध वैधानिक निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सीएक्यूएम के वरिष्ठ अधिकारी राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि दिल्ली में 23 लाख टन से अधिक पुराने कचरे का जैव-खनन किया गया है, जबकि प्रतिदिन 7,000 टन अतिरिक्त अपशिष्ट-से-ऊर्जा और 750 टन प्रतिदिन जैव-सीएनजी क्षमता विकसित की जा रही है। 
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लैंडफिल साइटों पर बढ़ाई गई निगरानी
सीसीटीवी कैमरों, मीथेन डिटेक्टरों और अग्नि-शमन प्रणालियों के साथ लैंडफिल स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए अक्तूबर से पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैव) के चरण 1 और 2 के तहत उपाय लागू हैं। सीएक्यूएम ने कहा कि एनसीआर राज्यों से आने वाली सभी अंतर-शहर बसें अब स्वच्छ ईंधन पर चलती हैं और 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-3 और उससे नीचे के वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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