फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   politics not ended on Rafale deal yet

राफेल पर राजनीति अभी खत्म नहीं, आप सांसद ने दर्ज कराई एफआईआर तो आरटीआई से भी जानकारी मांगी गई

Sat, 09 Feb 2019 03:40 AM IST
गौरव द्विवेदी शरद गुप्ता, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sat, 09 Feb 2019 03:40 AM IST
विज्ञापन
politics not ended on Rafale deal yet
राफेल विमान

राफेल विमानों के सौदे पर सरकार की ताजी सफाई के बावजूद इसे लेकर राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सीबीआई और दिल्ली पुलिस से इस मामले पर एफआईआर दर्ज करने का आवेदन किया है। कांग्रेस लड़ाई आगे ले जाने के मूड में है। ममता बनर्जी ने भी इस डील पर शुक्रवार को सवाल उठाए।

विज्ञापन


वहीं, इस मामले पर शुक्रवार को एक आरटीआई के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने जानकारी मांगी कि राफेल डील वाले प्रधानमंत्री के पेरिस दौरे पर उनके साथ कौन-कौन लोग गए थे, वे किस होटल में रुके थे और उनके बिल का भुगतान किसने किया था। जाहिर है कि आम चुनाव की घोषणा से एक महीने से भी कम समय पहले विपक्ष इस मामले को जोरदार तरीके से उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे हमले करना चाहता है।
विज्ञापन


शुक्रवार को एक अंग्रेजी अखबार में रक्षा मंत्रालय के गोपनीय नोट के कुछ अंश प्रकाशित किए गए थे। राहुल गांधी ने पिछले महीने लोकसभा में राफेल मामले पर बोलते हुए सवाल उठाया था कि क्या रक्षा मंत्रालय ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। यानी उन्हें इस दस्तावेज के बारे में पहले से जानकारी थी। अखबार में खबर छपने के चंद घंटों बाद राहुल ने मीडिया से बात करते हुए जो दस्तावेज़ दिखाया वह भी अधूरा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इस नोट पर तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की टिप्पणी का भी जिक्र किया। बाद में एक न्यूज एजेंसी के माध्यम से इस गोपनीय दस्तावेज को सार्वजनिक किया गया। लेकिन विपक्षी सांसदों का मानना है कि राफेल पर यह अंतिम दस्तावेज नहीं है।

रक्षा मंत्रालय के इस दस्तावेज में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा समानांतर मोलभाव करने पर तत्कालीन रक्षा सचिव जी मोहन कुमार ने आपत्ति उठाई थी। इस पर परिक्कर ने उन्हें समझाने के अंदाज में लिखा कि यह आपका ओवर-रिएक्शन है। रक्षा सचिन प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव से बातकर मामले को सुलझा लें।

क्या सुलझाया गया?

संजय सिंह का कहना है कि सरकार ने संसद में अधूरी जानकारी दी है। उसने यह नहीं बताया कि क्या इसके बाद रक्षा सचिव ने मामले पर प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव को क्या लिखा और उन्हें क्या उत्तर मिला? क्या वे इस उत्तर से संतुष्ट थे? सरकार एक साथ सभी दस्तावेज एक साथ क्यों नहीं संसद के सामने रख कर मामले को एक बार में ही खत्म कर दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed