जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शुरू हुई सपा-भाजपा की सियासत
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यूपी के एटा में जहरीली शराब पीने से हुई 28 लोगों की मौतों पर सपा-भाजपा में सियासत शुरू हो गई। रविवार को सपा के स्थानीय विधायक रामेश्वर सिंह और सांसद फर्रुखाबाद मुकेश राजपूत मरने वालों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे थे। इस दौरान दोनों ने शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप एक दूसरे पर लगाया। इसके बाद आरोप प्रत्यारोप और राजनीति शुरू हुई तो इसमें सपा विधायक ने पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह को भी लपेट लिया।
रविवार सुबह को अलीगंज क्षेत्र से विधायक अलीगंज रामेश्वर सिंह थाने में पहुंचे। वहां से उस समय पुलिस अधिकारी और मीडियाकर्मी मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने श्रीपाल के भाजपा सांसद का रिश्तेदार होने की बात कही। बाद में थाने पहुंचे भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने पलटवार करते हुए कहा कि शराब माफिया श्रीपाल चांदी का मुकुट सपा विधायक को पहनाता है तो मेरा रिश्तेदार कैसे हुआ? सब जानते है कि कौन इस क्षेत्र में शराब बिकवा रहा है। प्रदेश में सरकार उनकी, थानों में उनकी सुनी जाती है, फिर उसे बंद क्यों नहीं कराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में अलीगंज क्षेत्र में बीयर से लेकर नकली शराब तक बनाई जा रही है और उसे आसपास के जिलों में सप्लाईू किया जा रहा है। पूर्व मंत्री अवधपाल को भी लपेटा विधायक रामेश्वर सिंह ने शाम को कहा कि यदि मुकेश राजपूत के पास माफिया श्रीपाल के मुझे मुकुट पहनाते हुए फोटो हैं तो दिखाएं।
'तीन बार भिजवा चुका हूं जेल'
विधायक ने कहा कि वह तीन बार श्रीपाल को जेल भिजवा चुके हैं। माफिया सांसद का रिश्तेदार है। इसीलिए वे उसे छोटी मछली बताकर बड़ी मछली पकड़ने की बात कर उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। मैने हमेशा अधिकारियों के साथ बैठकों में अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, सभी यादव बाहुल्य गांवों में अभियान चलवाया। यादव समाज के जो भी लोग इस धंधे में शामिल हैं, वह पूर्व मंत्री अवधपाल से जुड़े हैं। उन्होंने ही 19 जून को भी टपुआ में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई पुलिस से कराई थी।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि सोमवार को भाजपा के सात सांसदों का एक प्रतिनिधि मंडल यहां पहुंचेगा और हालात का जायजा लेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मृतकों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग की। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष दिनेश वाशिष्ठ, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, पूर्व चेयरमैन प्रदीप गुप्ता, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मेघ सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।
रविवार शाम एसएसपी अजय शंकर राय ने रिक्त चल रहे थाना अलीगंज में रामसिया मौर्य को एसएसआई के पद पर भेजा है, साथ ही नए थानाध्यक्ष की नियुक्ति होने तक थानाध्यक्ष का भी चार्ज देखेगे। साथ ही सीओ सदर डीएस गर्ब्याल को अतिरिक्त सीओ अलीगंज का चार्ज सौंपा गया है। बता दे कि अलीगंज क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद शासन ने सीओ अलीगंज, थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया था। जिसके चलते दोनों ही पद खाली चल रहे थे।