सियासी दांव : रामविलास पासवान के सरकारी बंगले पर खींचतान, खाली करने से पहले मूर्ति और बोर्ड लगाए
दिवंगत नेता रामविलास पासवान के बंगले को खाली करने का नोटिस भेजा गया था। अब इस बंगले के बाहर उनकी मूर्ति व स्मृति का बोर्ड लगा दिया गया है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान के दिल्ली स्थित 12 जनपथ सरकारी आवास पर रार बढ़ गई है। पिछले दिनों इस बंगले को खाली कराए जाने की चर्चा सामने आई थी, लेकिन अब इस बंगले के बाहर रामविलास पासवान की मूर्ति लगा दी गई है। इतना ही नहीं बंगले के बाहर रामविलास पासवान स्मृति का बोर्ड भी टांग दिया गया है। एएनआई न्यूज एजेंसी की ओर से इसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं।
चिराग पासवान ने मांगा था समय
दरअसल, पिछले दिनों जनपथ 12 स्थित इस बंगले को खाली किए जाने का आदेश दिया गया था। रामविलास पासवान को यह बंगला आवंटित किया गया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे चिराग पासवान अपनी मां के साथ यहीं रहते हैं। आदेश जारी होने के बाद चिराग पासवान ने बंगला खाली करने के लिए कुछ समय मांगा था। जानकारी के मुताबिक, 14 जुलाई को चिराग पासवान को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया था।
सम्मान में लगाई मूर्ति
रामविलास पासवान की मूर्ति लगाए जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी की युवा विंग के अध्यक्ष यामिनी मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मूर्ति लगाने के पीछे सियासत नहीं है। यह सिर्फ इसलिए लगाई गई है, जिससे उनके प्रति अपने सम्मान को प्रकट कर सकें। वह देश के दूसरे आंबेडकर माने जाते हैं।
Delhi | There is no political motive behind installing the bust of late Ram Vilas Paswan. It was done only to give him respect. He was known as the second Ambedkar in the country: Yamini Mishra, President, National Youth Wing of Lok Janshakti Party pic.twitter.com/iT9mbiktXR
— ANI (@ANI) September 7, 2021
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित हुआ था बंगला
पिछले दिनों यह बंगला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित हो चुका है, लेकिन अभी तक बंगला खाली नहीं हुआ है। वहीं अब नए केंद्रीय मंत्रियों को भी सरकार बंगले आवंटित होना शुरू हो गए हैं।