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राजनीतिक दल नहीं जानते उन्हें 711 करोड़ रुपये देने वालों का नाम

Thu, 31 May 2018 01:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 31 May 2018 01:42 AM IST
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Political parties do not know the names of those who give them Rs 711 crore

खुद को राष्ट्रीय स्तर का दल होने का दावा करने वाली 7 राजनीतिक पार्टियों को ये नहीं मालूम कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान उनके खाते में 710.80 करोड़ रुपये की बड़ी रकम का चंदा देने वाले ‘दानवीर’ कौन हैं। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वाच (एनईडब्ल्यू) की तरफ से संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग को दिए ब्योरे में इन राजनीतिक दलों ने 2016-17 में कुल 1559.17 करोड़ रुपये की आय दर्शाई है, जिसमें से 589.38 करोड़ रुपये इन्होंने 20 हजार रुपये से ऊपर चंदा देने वाले 2123 घोषित दानदाताओं से मिलना दिखाया है, जो कुल आय का मात्र 37.8 फीसदी ही बैठता है। 

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2016-17 में हुई 1559 करोड़ रुपये की कुल आय में से 589 करोड़ का ही दलों ने हिसाब दिया

532 करोड़ का भाजपा ने और 41 करोड़ रुपये का कांग्रेस ने दिया हिसाब 


इसके अलावा इन दलों ने कुल आय का 16.61 फीसदी हिस्सा यानी 258.99 करोड़ रुपये की आय सदस्यता शुल्क, बैंक ब्याज और संपत्तियों की बिक्री आदि से होना दिखाया है। लेकिन बाकी बची आय के 45.59 फीसदी हिस्से यानी 710.80 करोड़ रुपये के इन दलों ने आयकर रिटर्न में भी गुप्त चंदे से मिली आय के तौर पर दिखाया है।
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7 गुना घोषित आय बढ़ी भाजपा की 2016-17 में 2015-16 के मुकाबले

अन्य दलों से 9 गुना आगे भाजपा, बसपा को नहीं मिलता बड़ा चंदा


रिपोर्ट के अनुसार, दलों की तरफ से घोषित 589.38 करोड़ रुपये में से 532.27 करोड़ रुपये का चंदा अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 1194 संस्थाओं से मिलने की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस को 599 संस्थाओं से मात्र 41.90 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। ऐसे में चंदे से आय के मामले में भाजपा अन्य 5 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), माकपा और तृणकूल कांग्रेस की तरफ से इसी दौरान दिखाई गई आय से करीब 9 गुना ज्यादा है। राष्ट्रीय सूची में 7वें दल के तौर पर शामिल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2016-17 में भी पिछले 11 सालों की तरह खुद को 20 हजार रुपये से ऊपर का कोई चंदा हासिल नहीं होने की घोषणा की है।
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कई गुना बढ़ी आय

Political parties do not know the names of those who give them Rs 711 crore

102.02 करोड़ रुपये की आय 2015-16 में दिखाई थी राजनीतिक दलों ने 
487.36 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई इस आय में 2016-17 के दौरान
06 फीसदी बढ़ी भाजपा की आय, 76.85 करोड़ से हो गई 532.27 करोड़
09 फीसदी बढ़कर एनसीपी की आय 71 लाख रुपये से पहुंच गई 6.41 करोड़ पर
231 फीसदी आय बढ़ी तृणमूल कांग्रेस की, 190-190 फीसद आय बढ़ी माकपा व कांग्रेस की
09 फीसदी कम आय हुई भाकपा को 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में

‘अज्ञात’ जरिए से भाजपा-कांग्रेस की कमाई

464.94 करोड़ रुपये कमाई भाजपा ने
126.124 करोड़ रुपये की कमाई कांग्रेस की रही

कारपोरेट से जमकर चंदा

563.24 करोड़ रुपये का चंदा इन दलों को कारपोरेट कंपनियों से मिला
708 कंपनियों ने चंदा दिया इस रकम के लिए राजनीतिक दलों को
95.96 फीसदी हिस्सा है ये दलों को मिली कुल घोषित आय का
1354 दानदाताओं ने निजी तौर पर 25.07 करोड़ दिए चंदे में
531 कारपोरेट व 663 निजी दानदाता रहे भाजपा की चंदा सूची में
515.43 करोड़ रुपये भाजपा को कारपोरेट से व 16.82 करोड़ रुपये मिले निजी चंदे से
36.06 करोड़ रुपये कांग्रेस को 98 कारपोरेट से, जबकि 5.84 करोड़ 501 निजी दानदाताओं से मिले

दान देने में कौन आगे

265.12 करोड़ रुपये सत्य इलेक्टरल ट्रस्ट ने भाजपा-कांग्रेस को दिए
251.22 करोड़ भाजपा को और 13.90 करोड़ रुपये कांग्रेस को मिले इस ट्रस्ट से
290.90 करोड़ रुपये का सबसे ज्यादा चंदा राजनीतिक दलों को दिल्ली राज्य के दानदाताओं से मिला
112.31 करोड़ रुपये महाराष्ट्र से और 20.22 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश के दानदाताओं ने दिए

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