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महाराष्ट्र: देवेंद्र फडणवीस के मराठवाड़ा दौरे से पंकजा मुंडे ने खुद को किया अलग, राजनीतिक गलियारों में हड़कंप
Sun, 03 Oct 2021 04:46 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 03 Oct 2021 04:46 AM IST
सार
पंकजा मुंडे ने ट्वीट कर बताया कि मेरी तबीयत खराब हो गई है। मेरे गले में खराश है और डॉक्टरों ने दो से चार दिनों तक बात करने से बचने की सलाह दी है। इसलिए चार दिनों तक किसी से नहीं मिलूंगी और न ही किसी का कॉल रिसीव कर सकती हूं।
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पकंजा मुंडे और देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस शनिवार से मराठवाड़ा के दौरे पर हैं। इस दौरान वे बाढ़ प्रभावित मराठवाड़ा जिलों में किसानों से मिल रहे हैं और भारी बारिश के कारण पहले से मौजूद स्थितियों का निरीक्षण कर रहे हैं। लेकिन भाजपा की वरिष्ठ नेता पंकजा मुंडे ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए खुद को इस दौरे से अलग कर लिया है, इसलिए राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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पंकजा मुंडे ने ट्वीट कर बताया कि 'मेरी तबीयत खराब हो गई है। मेरे गले में खराश है और डॉक्टरों ने दो से चार दिनों तक बात करने से बचने की सलाह दी है।' उन्होंने कहा कि 'मैं गले में खराश और टॉन्सिल की समस्या से पीड़ित हूं। इसलिए चार दिनों तक किसी से नहीं मिलूंगी और न ही किसी का कॉल रिसीव कर सकती हूं।'
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विदर्भ जिले के वाशिम से दौरे की शुरुआत करने के बाद फडणवीस शनिवार को हिंगोली और नांदेड़ गए और रविवार को मध्य महाराष्ट्र के अन्य जिलों का दौरा करेंगे। मुंडे के एक करीबी नेता ने कहा कि 'मुंडे ने कथित तौर पर दौरे पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शामिल होने से परहेज किया है, ताकि वह पिछले कुछ वर्षों में अपने और अपने परिवार के साथ किए गए व्यवहार के प्रति असंतोष व्यक्त कर सकें।'
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उन्होंने बताया कि 'वह मानती हैं कि फडणवीस और पाटिल जैसे पार्टी के राज्य के नेता जानबूझकर उन्हें छोटा दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि 2019 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार पार्टी के भीतर उनके प्रतिद्वंद्वियों द्वारा रची गई थी। पार्टी के अन्य ओबीसी नेताओं को उनके महत्व को कम करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि वह पार्टी का ओबीसी चेहरा हैं।'
हालांकि इस बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि 'इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। मैं उनसे बात करूंगा। उनकी तबीयत ठीक नहीं है और यह किसी के साथ भी हो सकता है। मुझे लगता है कि किसी को भी इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।'
बता दें कि हाल ही में, पंकजा मुंडे ने इस साल जुलाई में नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान अपनी बहन और बीड सांसद प्रीतम मुंडे को मंत्री पद नहीं दिए जाने के बाद फडणवीस और महाराष्ट्र भाजपा इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल के खिलाफ खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया था।