{"_id":"6499adb32ec3f970f40941f7","slug":"policemen-who-thrashed-in-public-in-junagadh-will-be-prosecuted-gujarat-high-court-accepted-the-petition-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat : जूनागढ़ में सार्वजनिक पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों पर चलेगा मुकदमा, हाईकोर्ट ने स्वीकार की याचिका","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat : जूनागढ़ में सार्वजनिक पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों पर चलेगा मुकदमा, हाईकोर्ट ने स्वीकार की याचिका
Mon, 26 Jun 2023 08:54 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 26 Jun 2023 08:54 PM IST
सार
याचिका में आरोप लगाया गया है पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बदले की कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के आठ से 10 लोगों की पिटाई की थी और उनके घरों में तोड़फोड़ की थी।
विज्ञापन
gujarat high court
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात में जूनागढ़ में दरगाह को हटाने गई पुलिस पर लोगों ने पथराव कर दिया था, इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ मुसलमान युवकों की सार्वजनिक दौर पर पिटाई की थी, जिसके बाद गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। वहीं हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
याचिका में आरोप लगाया गया है पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बदले की कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के आठ से 10 लोगों की पिटाई की थी और उनके घरों में तोड़फोड़ की थी। जनहित याचिका को स्वीकार करने के बाद न्यायाधीश ए जे देसाई और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को याचिका की एक प्रति सरकारी वकील को उपलब्ध कराने को कहा और आगे की सुनवाई 28 जून को रखी है। यह जनहित याचिका गैर सरकारी संगठन लोक अधिकार संघ और अल्पसंख्यक समन्वय समिति ने संयुक्त रूप से दायर की है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय के आठ से 10 लोगों को जूनागढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया, उन्हें माजेवाडी गेट इलाके में 'गेबन शाह मस्जिद', एक दरगाह के सामने खड़ा किया गया और बेरहमी से सार्वजनिक रूप से पीटा गया। याचिका में कहा गया है कि पुलिस और एफआईआर के अनुसार, ये लोग पथराव करने वालों में शामिल थे जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक समेत कुछ पुलिसवाले घायल हो गए थे।
विज्ञापन
16 जून की रात को नगर निकाय अधिकारियों की एक टीम ने जूनागढ़ शहर में एक दरगाह को तोड़ने का नोटिस दिया था, जब टीम वहां गई तो लोग और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, विध्वंस के विरोध में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा किए गए पथराव में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कुछ पुलिसवाले घायल हो गए थे।
याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह गुजरात सरकार को पिटाई और हिरासत में हिंसा में शामिल पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित उचित कार्रवाई करने का निर्देश दे। याचिका में इस घटना की जूनागढ़ के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश या किसी अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी से जांच कराने की भी मांग की गई है।