Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री बोले- पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण में बदलाव जरूरी, देशभक्ति की भावना पैदा करने की जरूरत
गृहमंत्री ने प्रशिक्षण में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों पर जोर दिया और कहा कि आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पुलिस बलों में देशभक्ति, फिटनेस, अनुशासन, संवेदनशीलता और आत्म-समर्पण की भावना पैदा करने की आवश्यकता है।
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शाह ने केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पुलिस बलों के प्रशिक्षण में प्रौद्योगिकी और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल समय की जरूरत है लेकिन साथ ही बुनियादी पुलिसिंग पर ध्यान दिया जाना चाहिए और इसे व्यवहार में लाना चाहिए।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि समय के साथ पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण में बदलाव किया जाए।" गृहमंत्री ने प्रशिक्षण में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों पर जोर दिया और कहा कि आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पुलिस बलों में देशभक्ति, फिटनेस, अनुशासन, संवेदनशीलता और आत्म-समर्पण की भावना पैदा करने की आवश्यकता है।प्रशिक्षण किसी भी कार्यक्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है इसलिए @narendramodi जी ने केंद्रीय कर्मचारियों की क्षमता व कौशल को और बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी की शुरुआत की।
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उसी संदर्भ में आज केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था पर समीक्षा बैठक की। pic.twitter.com/137NyLIOBA — Amit Shah (@AmitShah) July 19, 2022
शाह ने उम्मीदों, कर्तव्य की भावना और लक्ष्यों की उपलब्धि को पूरा करने के लिए एक प्रभावी प्रशिक्षण प्रणाली के अलावा सभी स्तरों पर पुलिसकर्मियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण के प्रभाव की समीक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया।गृह मंत्रालय एक होलिस्टिक अप्रोच के तहत पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की ओर निरंतर अग्रसर है जिससे वो अपनी क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग कर पाएं।
— Amit Shah (@AmitShah) July 19, 2022
आधुनिक तकनीकों के साथ ही बेसिक पुलिसिंग पर भी बल देना चाहिए व पुलिसकर्मियों की फिटनेस, अनुशासन और संवेदनशीलता भी प्रशिक्षण में प्रमुख हो। pic.twitter.com/aFDJUoDt9Y
'मिशन कर्मयोगी' के तहत दिया जाना चाहिए प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'मिशन कर्मयोगी' के तहत कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर तक के पुलिस कर्मियों को समग्र दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
गृहमंत्री ने कहा कि 60 प्रतिशत प्रशिक्षण सभी पुलिसकर्मियों के लिए एक समान होना चाहिए जबकि 40 प्रतिशत प्रशिक्षण बल आधारित होना चाहिए ताकि हम अपनी प्रशिक्षण क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग कर सकें।
केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों ने दिया प्रेजेंटेशन
सुरक्षा चुनौतियों की लगातार बदलती प्रकृति के लिए त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए पुलिसकर्मियों की क्षमताओं का निर्माण करने के लिए सही समय पर सही प्रशिक्षण के महत्व पर बल देते हुए केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुतियां (प्रेजेंटेशन) दी गईं।
इस दौरान हाइब्रिड लर्निंग और उभरते प्रशिक्षण प्रतिमानों, प्रशिक्षण पद्धतियों और तकनीकों के सापेक्ष गुणों पर चर्चा हुई, जिसमें प्रशिक्षण की आवश्यकता, प्रशिक्षण संसाधनोंकी उत्पादकता के अलावा अन्य शामिल हैं।