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Odisha: एसआई ने अपनी जगह जांच के लिए युवक को किया तैनात, भद्रक एसपी ने किया सब-इंस्पेक्टर को किया निलंबित
Fri, 10 Oct 2025 03:39 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भद्रक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भद्रक
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 10 Oct 2025 03:39 PM IST
सार
ओडिशा के भद्रक जिले में एक सब-इंस्पेक्टर ने खुद की जगह एक युवक को जांच के लिए एक गांव में भेजा, जहां उसकी पोल खुल गई। वहीं इस खुलासा होने पर एसपी मनोज राउत ने कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित है। जानकारी के मुताबिक, एसआई का नाम कार्तिक जेना है, जिस पर एसपी ने कार्रवाई की है।
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पुलिस प्रशासन
- फोटो : ANI
विस्तार
ओडिशा के भद्रक जिले में एक पुलिस उपनिरीक्षक को एक मामले की जांच के लिए एक युवक को भेजने के कारण निलंबित कर दिया गया है। मामले में भद्रक एसपी मनोज राउत ने शुक्रवार को भद्रक ग्रामीण पुलिस स्टेशन के एसआई कार्तिक जेना को एक नागरिक को पुलिस अधिकारी के रूप में प्रतिरूपण करने और एक मामले की जांच करने की अनुमति देने के लिए निलंबित कर दिया है। यह मामला भद्रक ग्रामीण थाना क्षेत्र का है।
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गांव वालों के हत्थे चढ़ा एसआई द्वारा भेजा गया युवक
भद्रक एसपी मनोज राउत ने सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। आरोप है कि उन्होंने एक आम नागरिक को पुलिस अधिकारी बनकर जांच के लिए गांव भेजा था। यही युवक बाद में ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया।
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युवक ने की पुलिस अधिकारी की नकल
गिरफ्तार युवक की पहचान धुसुरी क्षेत्र के धामनगर ब्लॉक निवासी पियूष रंजन पांडा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पियूष पिछले कुछ समय से थाने में कंप्यूटर का काम और अन्य छोटे-मोटे कामों में सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना की मदद कर रहा था। गुरुवार को जब कर्तिक जेना को रसिकबागा गांव (कलेई पंचायत) में एक महिला से जुड़ा मामला जांचने जाना था, तब उन्होंने खुद जाने के बजाय पियूष को भेज दिया। जिसके बाद पियूष अपनी निजी मोटरसाइकिल से गांव पहुंचा और ग्रामीणों से पूछताछ करने लगा।
ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस को दी सूचना
जब ग्रामीणों ने पियूष से उसकी पहचान और पुलिस से जुड़ी जानकारी मांगी तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। इस पर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने उसे वहीं रोक लिया। इसके बाद भद्रक ग्रामीण पुलिस को सूचना दी गई। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस जांच में सामने आया कि पियूष का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। वह केवल सब-इंस्पेक्टर के कहने पर जांच अधिकारी की तरह गांव गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने तुरंत कार्रवाई की है।
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यह गंभीर लापरवाही और ड्यूटी का उल्लंघन- एएसपी
भद्रक के एएसपी अरूप अभिषेक बेहेरा ने कहा, 'यह गंभीर लापरवाही और ड्यूटी का उल्लंघन है। आरोपी युवक का पुलिस विभाग से कोई नाता नहीं है। मामले की पूरी जांच की जा रही है।' फिलहाल सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना को निलंबित कर दिया गया है और पियूष रंजन पांडा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि युवक को जांच पर भेजने के पीछे की पूरी साजिश क्या थी और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
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गांव वालों के हत्थे चढ़ा एसआई द्वारा भेजा गया युवक
भद्रक एसपी मनोज राउत ने सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। आरोप है कि उन्होंने एक आम नागरिक को पुलिस अधिकारी बनकर जांच के लिए गांव भेजा था। यही युवक बाद में ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया।
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युवक ने की पुलिस अधिकारी की नकल
गिरफ्तार युवक की पहचान धुसुरी क्षेत्र के धामनगर ब्लॉक निवासी पियूष रंजन पांडा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पियूष पिछले कुछ समय से थाने में कंप्यूटर का काम और अन्य छोटे-मोटे कामों में सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना की मदद कर रहा था। गुरुवार को जब कर्तिक जेना को रसिकबागा गांव (कलेई पंचायत) में एक महिला से जुड़ा मामला जांचने जाना था, तब उन्होंने खुद जाने के बजाय पियूष को भेज दिया। जिसके बाद पियूष अपनी निजी मोटरसाइकिल से गांव पहुंचा और ग्रामीणों से पूछताछ करने लगा।
ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस को दी सूचना
जब ग्रामीणों ने पियूष से उसकी पहचान और पुलिस से जुड़ी जानकारी मांगी तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। इस पर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने उसे वहीं रोक लिया। इसके बाद भद्रक ग्रामीण पुलिस को सूचना दी गई। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस जांच में सामने आया कि पियूष का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। वह केवल सब-इंस्पेक्टर के कहने पर जांच अधिकारी की तरह गांव गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने तुरंत कार्रवाई की है।
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यह गंभीर लापरवाही और ड्यूटी का उल्लंघन- एएसपी
भद्रक के एएसपी अरूप अभिषेक बेहेरा ने कहा, 'यह गंभीर लापरवाही और ड्यूटी का उल्लंघन है। आरोपी युवक का पुलिस विभाग से कोई नाता नहीं है। मामले की पूरी जांच की जा रही है।' फिलहाल सब-इंस्पेक्टर कार्तिक जेना को निलंबित कर दिया गया है और पियूष रंजन पांडा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि युवक को जांच पर भेजने के पीछे की पूरी साजिश क्या थी और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।