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अंडमान: अमेरिकी का शव ढूंढने गई पुलिस वापस लौटी, तीर कमान के साथ खड़े दिखे आदिवासी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:14 AM IST
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सेंटिनल जनजाति
अंडमान निकोबार में सेंटिनल जनजाति ने हाल ही में अमेरिकी नागरिक जॉन ऐसन चाउ की हत्या कर दी है। पुलिस अब उसके शव की तलाश में लगी हुई है, जो अभी तक बरामद नहीं हुआ है। शनिवार को भी जब पुलिस चाउ का शव ढूंढने निकली तो उसे बेहद मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ा। पुलिस जब चाउ के शव की तलाश में द्वीप पहुंची तो देखा कि जनजाति के लोग अपने हाथों में तीर-धनुष लेकर खड़े थे। जिसके बाद पुलिस को वहां से लौटना पड़ा।
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जानकारी देते हुए स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि जहां चाउ को आखरी बार देखा गया था वहां पर शनिवार को ये आदिवासी लोग भी दिखे। पुलिस की नाव समुद्र से 400 मीटर अंदर थी, जब दूरबीन से देखा गया तो वहां आदिवासी तीर कमान लेकर खड़े थे। जिसके बाद टीम को लौटना पड़ा।
बता दें सेंटिनल जनजाती, लोगों का शिकार करने वाला एक ऐसा समुदाय है जो करीब 60 हजार सालों से बाहरी दुनिया से अलग थलग रह रहा है। चाउ भी यहां आदिवासियों को ईसाई धर्म के बारे में बताने आए थे। उसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस भी इन लोगों से किसी भी तरह के टकराव से बच रही है।
17 नवंबर को इन लोगों ने चाउ की हत्या कर दी थी। चाउ को यहां तक लाने वाले मछुआरे ने कहा कि इन लोगों ने चाउ को मारकर बीच पर ही दफना दिया था। मामले में पुलिस ने अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें ये मछुआरा भी शामिल है।
इस जनजाति के लोग यहां किसी बाहरी को आने नहीं देते और अगर कोई बाहरी व्यक्ति आ भी जाए तो जनजाति के लोग उसे तीर की सहायता से मार देते हैं। साल 1960 के बाद से इस जनजाति तक पहुंचने के कई प्रयास किए गए लेकिन सब असफल रहे।
साल 2006 में जनजाति ने दो नाविकों की हत्या कर दी थी। वह लोग गलती से द्वीप पर भटक गए थे। साल 2004 में हिंद महासागर में आई सुनामी के बाद इन लोगों ने किसी भी प्रकार की बाहरी सहायता को अस्वीकार कर दिया। जब सुनामी के दौरान इन्हें बचाने के लिए एक रेस्क्यू हेलिकॉप्टर आया तो इन्होंने उसपर भाले और तीर से हमला किया।