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भारत की ताकत: पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों बोले, सही वक्त पर पीओके बन जाएगा भारत का हिस्सा
Sat, 26 Feb 2022 07:09 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 26 Feb 2022 07:09 PM IST
सार
पूर्व ले. जनरल ढिल्लों ने कहा कि इस देश में बहुत से लोगों ने सोचा था कि अनुच्छेद 370 कभी नहीं जाएगा। समय आने पर अनुच्छेद 370 चला गया। समय आने पर पीओके भारत में आएगा।
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पाकिस्तान के कब्जे वाला पाकिस्तान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारत में पीओके को अपने में लेने की मांग उठने लगी है। इस तरह की मांग के बीच लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) उचित समय पर भारत का हिस्सा बन जाएगा क्योंकि इसे लेकर संसदीय प्रस्ताव पास हो चुका है और सरकार इसके लिए बाध्य है। ढिल्लों ने 2019 के पुलवामा हमले के समय सेना की एक्सवी (XV) कोर की कमान संभाली थी।
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ढिल्लों ने अहम वक्त पर संभाली थी कश्मीर में कमान
पूर्व ले. जनरल ढिल्लों अहमदाबाद में कर्णावती विश्वविद्यालय में आयोजित अहमदाबाद डिजाइन वीक कार्यक्रम में बोलने के लिए आए थे। उन्होंने उस महत्वपूर्ण समय में कमान संभाली थी जब केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने की अपनी योजना को क्रियान्वित किया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, लद्दाख और जम्मू और कश्मीर में विभाजित किया था।
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समय आने पर पीओके भारत में आएगा
दर्शकों के एक सवाल का जवाब देते हुए कि क्या पीओके कभी भारत का हिस्सा बनेगा, उन्होंने कहा कि इस देश में बहुत से लोगों ने सोचा था कि अनुच्छेद 370 कभी नहीं जाएगा। समय आने पर अनुच्छेद 370 चला गया। समय आने पर पीओके भारत में आएगा। हमारे संसद में प्रस्ताव पास हो चुका है। एक अच्छा लोकतंत्र होने के नाते हम बाध्य हैं हमारे संसदीय प्रस्ताव के अनुसार काम किया जाए। पीओके उचित समय पर आएगा। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए (निरस्त) के बाद यह पिछले 30 वर्षों में कश्मीर के इतिहास में सबसे शांतिपूर्ण अवधि थी। इसी तरह एक मजबूत सरकार सुनिश्चित करती है कि मजबूत फैसले कैसे लागू हों।
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पाकिस्तानी प्रचार पूरी तरह से कुचल दिया गया
उन्होंने कहा कि पर्यटक इस क्षेत्र में आ रहे हैं। कश्मीर में नाकेबंदी और तालाबंदी का पाकिस्तानी प्रचार पूरी तरह से कुचल दिया गया है। रक्षा खुफिया एजेंसी के पूर्व महानिदेशक ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद हुए धरने और पथराव अब नहीं हो रहे हैं। यहां पाकिस्तान आधारित कट्टरपंथीकरण काम कर रहा था, अब उन्हें कुचल दिया गया है।
कश्मीर अब शांत है
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि हुर्रियत बंद का आह्वान करता था लेकिन आज उसका असर नहीं दिखता है। कश्मीर अब शांतिपूर्ण है। आतंकवाद की छिटपुट घटनाएं होती हैं, लेकिन उससे निपट लिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि एक अध्ययन से पता चलता है कि कैसे कश्मीर में एक पत्थरबाज, जो आखिर में एक आतंकवादी बन जाता था, उसे एक साल के भीतर मारे जाने की दो-तिहाई संभावना ने लोगों के मन पर प्रभाव डाला है। आज के पथराव करने वाले कल के आतंकवादी हैं जिनके पहले साल में ही मारे जाने की संभावना है। यह पत्थरबाजों की माताओं को बताया गया था। इसका एक बड़ा प्रभाव पड़ा। 50 लड़के एक साल में प्रमुख आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के बाद लौट आए।