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Pocso Court: बाल यौन शोषण के मामले में अदालत ने सुनाई साठ साल के आरोपी को सजा, जानें पूरा मामला

Thu, 01 Sep 2022 10:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 01 Sep 2022 10:58 PM IST
सार

बाल यौन शोषण के एक मामले में मुंबई की विशेष पॉक्सो अदालत ने सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने साठ साल के आरोपी को दोषी ठहराते हुए हस्तमैथुन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है।

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Pocso Court sentenced sixty-year-old accused in child sexual abuse case
कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala

विस्तार

बाल यौन शोषण के एक मामले में मुंबई की विशेष पॉक्सो अदालत ने सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने साठ साल के आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति में हस्तमैथुन करना आरोपी के यौन इरादे का अनुमान लगाने के लिए पर्याप्त है। यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम मामलों की विशेष न्यायाधीश प्रिया बांकर ने इस मामले में 29 अगस्त को आरोपी को दोषी पाया था। अदालत ने उसे एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। 

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इस मामले में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि पीड़ित चार साल का बच्चा जब अपने घर के पास आरोपी की सिलाई की दुकान पर गया तो उसने देखा कि आरोपी हस्तमैथुन कर रहा है। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपी ने उसे अपना प्राइवेट पार्ट भी दिखाया था। इस पर आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसने लड़के को दुकान पर नहीं बुलाया था और न ही वह लड़के के पास गया था।
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मामले में दोनों पक्षो की दलील सुनने के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह सच है कि लड़के ने गलती से उस आदमी की हरकत देखी थी, लेकिन आरोपी की दुकान छोटी थी और कोई भी राहगीर उसकी हरकत देख सकता था, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि वह निजी तौर पर हस्तमैथुन कर रहा था। 
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अदालत ने कहा कि हस्तमैथुन एक यौन क्रिया है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति में किया जाता है, तो यह आरोपी के यौन इरादे का अनुमान लगाने के लिए पर्याप्त है। अदालत ने आगे कहा कि पीड़ित, उसके परिवार के सदस्यों और यहां तक कि समाज पर भी घटना का बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसी घटनाओं ने उनके मन में धारणा बनती है कि  घर और आसपास के क्षेत्र बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं और इससे समाज में एक खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। निश्चित रूप से इस तरह की घटना से लोगों के मन में दहशत पैदा हो जाती है। 

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