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ये हैं पीएनबी घोटाले के भगोड़े आरोपी नीरव मोदी की गिरफ्तारी के मायने

Thu, 21 Mar 2019 09:21 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 21 Mar 2019 09:21 AM IST
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PNB Scam accused Nirav Modi meaning of his arrest in london and its impact to india
पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी - फोटो : PTI

पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला करके फरार हुआ हीरा कारोबारी नीरव मोदी आखिरकार कानून की गिरफ्त में आ गया है। उसे लंदन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। भारत सरकार ने ब्रिटिश सरकार से नीरव के प्रत्यर्पण की अपील की थी। उसे ब्रिटिश अदालत में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के लिए पेश किया गया जहां से 29 मार्च की तारीख मिली है। हालांकि बड़ी संभावना यह है कि उसे इस मामले में अदालत से जमानत मिल सकती है। स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने बुधवार 20 मार्च को नीरव की गिरफ्तारी की घोषणा की।

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इस गिरफ्तारी के मायने क्या हैं?

हीरा कारोबारी नीरव मोदी की गिरफ्तारी का मतलब यह है कि भारत सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लगातार ब्रिटिश सरकार से उसके प्रत्यर्पण के लिए बात कर रही थी। कानूनी जानकारों का मानना है कि ब्रिटिश कोर्ट मोदी को जमानत देते हुए भारत से उसके खिलाफ आवश्यक और पुख्ता सबूत तथा आरोप-पत्र की मांग करेगी। ईडी की एक टीम इसी सिलसिले में लंदन पहुंच चुकी है।

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अदालत में क्या होगा?

ब्रिटिश अदालत यह भी निर्धारित करेगी कि नीरव मोदी पर लगाए गए आरोप उसे यूनाइटेड किंगडम में दोषी बनाते हैं या नहीं। और इस आधार पर उसे ब्रिटेन में ही सजा दी जा सकती है या नहीं। यह अदालत यह भी देखेगी कि मोदी के भारत प्रत्यर्पण से उसके मानव अधिकारों का हनन तो नहीं होगा। ऐसे में भारत को इस बात का भरोसा दिलाना होगा कि उसे देश में पूरी सुरक्षा और उचित सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी तथा निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का पालन भी किया जाएगा। इसी प्रक्रिया को किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक रहे विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भी अपनाया गया था।

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यदि अदालत ने प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी तो क्या होगा?

यदि ब्रिटिश अदालत से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अनुमति मिल भी जाती है तो यह आदेश पुष्टि के लिए यूनाइटेड किंगडम के होम ऑफिस (गृह विभाग) के सेक्रेटरी (सचिव) साजिद जाविद के पास जाएगा। हालांकि इस बीच मोदी इस अदालती आदेश को 14 दिनों के भीतर ब्रिटिश हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है। लेकिन यदि वो ऐसा करने में असफल रहा तब ब्रिटिश सरकार 28 दिनों के भीतर उसे भारत को सौंप देगी।

कैसे पता चला

एक ब्रिटिश अखबार की खबर के बाद नीरव मोदी भारतीय मीडिया की सुर्खियों में आया था। इस रिपोर्ट से ही पता चला था कि वह जून 2018 से लंदन में एक फ्लैट लेकर रह रहा है। नीरव 2018 में भारत से भागा था और तब से कभी वापस नहीं लौटा। इस बीच लगभग हफ्तेभर पहले यह पता चला कि वह लंदन में है। यह जानकारी मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय और विदेश मंत्रालय ने उसके प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज कर दी थीं। इसी दौरान सोमवार को पता चला कि ब्रिटिश सरकार ने प्रत्यर्पण की अर्जी स्वीकार कर ली है, जिसके बाद गिरफ्तारी की उम्मीद तेज हो गई थीं।

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