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पीएमओ को मिला विदेश से वापस आए काले धन की जानकारी देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
Updated Mon, 22 Oct 2018 04:27 AM IST
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आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी की आरटीआई पर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को 15 दिन के अंदर विदेशों से वापस लाए गए काले धन की जानकारी देने को कहा है। सीआईसी ने यह भी कहा है कि पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के भ्रष्टाचार संबंधित शिकायतों का ब्योरा भी संजीव को उपलब्ध कराएं।
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी की अपील पर सुनवाई करते मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने 16 अक्तूबर को उक्त आदेश दिया। संजीव ने 7 अगस्त, 2017 को प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय से संजीव ने 1 जून, 2014 के बाद विदेश से भारत लाए गए काले धन, इस धन को वापस लाने में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से की गई कोशिश की जानकारी भी मांगी थी।
उन्होंने पूछा था कि 2014 के बाद कितना पैसा देश के नागरिकों के खातों में जमा कराया गया। एक अन्य बिंदु में संजीव ने पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की प्रमाणित प्रतियां और इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
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प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरा जवाब न मिलने पर संजीव ने 22 सितंबर, 2017 को केंद्रीय सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया था। काले धन से संबंधित बिंदुओं पर मांगी गई सूचना पर पीएमओ कार्यालय ने कहा कि ये जानकारियां आरटीआई के तहत परिभाषित सूचना के दायरे में नहीं आतीं। केंद्रीय सूचना आयोग ने साफ कहा कि आवेदक की ओर से स्पष्ट सूचना मांगी गई है और यह सूचना 15 दिन के अंदर दी जाए।
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी की अपील पर सुनवाई करते मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने 16 अक्तूबर को उक्त आदेश दिया। संजीव ने 7 अगस्त, 2017 को प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय से संजीव ने 1 जून, 2014 के बाद विदेश से भारत लाए गए काले धन, इस धन को वापस लाने में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से की गई कोशिश की जानकारी भी मांगी थी। पूछा था कि 2014 के बाद कितना पैसा देश के नागरिकों के खातों में जमा कराया गया। एक अन्य बिंदु में संजीव ने पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की प्रमाणित प्रतियां और इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
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आईएफएस संजीव चतुर्वेदी की अपील पर सुनवाई करते मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने 16 अक्तूबर को उक्त आदेश दिया। संजीव ने 7 अगस्त, 2017 को प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय से संजीव ने 1 जून, 2014 के बाद विदेश से भारत लाए गए काले धन, इस धन को वापस लाने में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से की गई कोशिश की जानकारी भी मांगी थी।
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उन्होंने पूछा था कि 2014 के बाद कितना पैसा देश के नागरिकों के खातों में जमा कराया गया। एक अन्य बिंदु में संजीव ने पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की प्रमाणित प्रतियां और इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
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प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरा जवाब न मिलने पर संजीव ने 22 सितंबर, 2017 को केंद्रीय सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया था। काले धन से संबंधित बिंदुओं पर मांगी गई सूचना पर पीएमओ कार्यालय ने कहा कि ये जानकारियां आरटीआई के तहत परिभाषित सूचना के दायरे में नहीं आतीं। केंद्रीय सूचना आयोग ने साफ कहा कि आवेदक की ओर से स्पष्ट सूचना मांगी गई है और यह सूचना 15 दिन के अंदर दी जाए।
आईएफएस संजीव चतुर्वेदी की अपील पर सुनवाई करते मुख्य सूचना आयुक्त राधाकृष्ण माथुर ने 16 अक्तूबर को उक्त आदेश दिया। संजीव ने 7 अगस्त, 2017 को प्रधानमंत्री कार्यालय से 16 बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय से संजीव ने 1 जून, 2014 के बाद विदेश से भारत लाए गए काले धन, इस धन को वापस लाने में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से की गई कोशिश की जानकारी भी मांगी थी। पूछा था कि 2014 के बाद कितना पैसा देश के नागरिकों के खातों में जमा कराया गया। एक अन्य बिंदु में संजीव ने पीएमओ कार्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की प्रमाणित प्रतियां और इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।