PMO खंगालेगा 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान में मंत्रालयों की भागीदारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र को भेजनी शुरू कर दी है। इस अभियान की समाप्ती राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को होनी है।
मगर छुट्टी के दिनों को ध्यान में रखते हुए तमाम मंत्रियों ने अपने मंत्रालय की रिपोर्ट पीएम के प्रधान सचिव को भेजनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि स्वच्छता ही सेवा अभियान की इस रिपोर्ट को खंगालने के बाद पीएमओ सभी मंत्रालयों और उनके मंत्रियों की रेटिंग सुनिश्चित करेगा। वैसे अभी तक के आंकलन में कृषि मंत्रालय ने स्वच्छता ही सेवा अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
गुरुवार को केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने करीब 500 पन्नों की अपने विभाग और अपने गतिविधि की रिपोर्ट नृपेंद्र मिश्र को सौंप दी है। तो समाज कल्याण मंत्री थावर चंद गहलोत भी रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं।
पीएमओ के लिए रिपोर्ट तैयार करने में जुटा मंत्रियों का स्टाफ
स्वच्छता ही सेवा अभियान की रिपोर्ट पीएमओ को भेजे जाने को लेकर मंत्रालय के अधिकारियों में बीते दो दिनों से अफरा- तफरी का माहौल रहा। मंत्रियों के लगभग तमाम स्टाफ इस रिपोर्ट को तैयार करने में ही जुटा रहा। पीएमओ को भेजे जाने वाली रिपोर्ट में कोई कमी न रह जाए इसे लेकर अधिकारी बेहद सक्रिय नजर आए।
हालांकि अधिकारियों में इस कवायद को लेकर नाखुशी भी है कि इसकी वजह से मंत्रालय के अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बीते 15 सितंबर को कानपुर में रामनाथ कोविंद ने इस राष्ट्रीय अभियान की शुरूआत की थी। जिसमें उन्होंने आम जनता को पीएम मोदी के न्यू इंडिया के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए स्वच्छ भारत पर जोर दिया था।
मंत्रियों को दिया गया था क्षेत्रों में जाने का जिम्मा
अन्य अभियानों की 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान के लिए भी केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रियों को विभिन्न राज्यों में जाने का कार्यक्रम बनाया था। अपने विभागों में अभियान को पूरी तरह लागू कराने के अलावा मंत्रियों को दो से तीन राज्यों में कार्यक्रम के लिए जाना था।
पीएमओ को भेजी जा रही रिपोर्ट में मंत्रियों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की तस्वीरें और मीडिया की कवरेज को बतौर प्रमाण के रूप में भेजा है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी की इसपर विशेष नजर है। इसलिए रिपोर्ट भेजने में बेहद सावधानी बरती जा रही है।