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पीएम की सुरक्षा में सेंध: पंजाब के जांच दल पर सवालिया निशान, केंद्र ने कहा- प्रदर्शनकारियों के साथ चाय की चुस्की ले रही थी पुलिस
Sat, 08 Jan 2022 05:48 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 08 Jan 2022 05:48 AM IST
सार
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि यह सीमा पार आतंकवाद से जुड़ा मसला है, लिहाजा इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को शामिल करने की जरूरत पड़ी।
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पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध
- फोटो : Agency
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विस्तार
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, जब भी प्रधानमंत्री का काफिला सड़क पर चलता है तो राज्य के पुलिस महानिदेशक रूट का निरीक्षण करते हैं कि क्या पीएम यात्रा कर सकते हैं। इस मामले में पुलिस महानिदेशक ने हरी झंडी दे दी थी।
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पीएम की कार के आगे एक चेतावनी कार भी होती है ताकि खतरे की आशंका होने पर काफिले को रोका जा सके। इस मामले में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ चाय की चुस्की लेते देखा गया। चेतावनी कार को सूचित नहीं किया गया था। मेहता ने दावा किया कि यह सीमा पार आतंकवाद से जुड़ा मसला है, लिहाजा इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को शामिल करने की जरूरत पड़ी।
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दावा : पंजाब सरकार की बनाई टीम जांच में नहीं सक्षम
याचिकाकर्ता के वकील मनिंदर सिंह ने कहा, इस दौरे में पीएम के काफिले को रोकने की अनुमति नहीं थी और यह सबसे बड़ा उल्लंघन है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। इस मामले में पेशेवर रूप से जांच होनी चाहिए जबकि पंजाब सरकार की बनाई टीम इसमें सक्षम नहीं है।
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पंजाब की दलील, मामले को हल्के में नहीं ले रहे
पंजाब के महाधिवक्ता डीएस पटवालिया ने तर्क दिया कि राज्य सरकार सुरक्षा चूक को हल्के में नहीं ले रही है। जांच समिति का गठन उसी दिन किया गया था जिस दिन घटना हुई थी न कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद।
आईजीपी संतोष रस्तोगी करेंगे सहयोग
एनआईए ने आईजीपी संतोष रस्तोगी को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल का सहयोग करने के निर्देश दिया है। वे पीएम मोदी के पंजाब दौरे के रिकॉर्ड को जुटाने और सुरक्षित करने में मदद करेंगे। एनआईए डीजी ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किए। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि पीएम की सुरक्षा में चूक को लेकर गृह मंत्रालय ने डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय से जवाब मांगा है। उन्हें इस बारे में नोटिस जारी किया गया है और जल्द से जल्द जवाब मांगा गया है।