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प्रधानमंत्री मोदी ने अरुणाचल को दी 'डीडी अरुणप्रभा' चैनल की सौगात
Sat, 09 Feb 2019 09:32 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटानगर
Published by: Shani Mishra
Updated Sat, 09 Feb 2019 09:32 AM IST
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PM Modi
- फोटो : self
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अरुणाचल प्रदेश को आज से अपना 24 घंटे सेवा देने वाला चैनल मिल गया है। यह चैनल पूरी तरह से प्रदेश की संस्कृति और सभ्यता को समर्पित है। अरुण प्रभा चैनल की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की। इसके अलावा उन्होनें इटानगर होलोंगी में ग्रीनफिल्ड एयरपोर्ट के निर्माण की आधारशिला रखी।
सूचना प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह सभी प्रोजेक्ट सरकार की 'लुक ईस्ट' नीति का हिस्सा हैं। इस नीति का लक्ष्य उत्तर पूर्व को रेल, सड़क, संचार, ऊर्जा और जलमार्ग से देश के बाकी इलाकों से जोड़ना है। मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने बताया कि अरुण प्रभा चैनल सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस और दूरदराज के इलाकों से भी लाइव प्रसारण करने में सक्षम है। इसका मुख्यालय इटानगर का दूरदर्शन केंद्र है।
उत्तर पूर्व हो समर्पित यह दूसरा चैनल है। दूरदर्शन पहले से ही डीडी नॉर्थ ईस्ट का प्रसारण कर रहा है। इस पर हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, असमिया और उत्तर पूर्व की अन्य भाषाओं में कार्यक्रम का प्रसारण होता है। 60 करोड़ का यह प्रोजेक्ट कैबिनेट द्वारा आवंटित 1054 करोड़ की राशि का हिस्सा है। इस राशि का मुख्य लक्ष्य प्रसार भारती की तकनीक और संरचना में विकास करना है। 1054 करोड़ रुपए में से लगभग 435 करोड़ आकाशवाणी और 619 करोड़ दूरदर्शन के लिए आवंटित किए गए हैं।
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सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए इटानगर में इस चैनल को पहले ही मंजूरी दे दी है। यह दूरदर्शन का 24 वां चैनल है।
प्रधानमंत्री मोदी सिला सुरंगा की भी आधारशिला रखी। इससे सभी मौसम में आम लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों के लिए पूरे साल तवांग घाटी में आना-जाना संभव हो सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी 110 मेगावॉट के जलविद्युत संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही, अरुणाचल के पुनर्विकसित तेजु हवाई अड्डे का भी उद्घाटन किया। इस दौरान 50 स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश में सभी घरों तक बिजली पहुंच जाने की भी घोषणा की। जोट में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी गई। इससे पूर्वोत्तर राज्यों के फिल्म में रुचि रखने वाले छात्रों को सुविधा होगी।
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सूचना प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह सभी प्रोजेक्ट सरकार की 'लुक ईस्ट' नीति का हिस्सा हैं। इस नीति का लक्ष्य उत्तर पूर्व को रेल, सड़क, संचार, ऊर्जा और जलमार्ग से देश के बाकी इलाकों से जोड़ना है। मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने बताया कि अरुण प्रभा चैनल सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस और दूरदराज के इलाकों से भी लाइव प्रसारण करने में सक्षम है। इसका मुख्यालय इटानगर का दूरदर्शन केंद्र है।
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उत्तर पूर्व हो समर्पित यह दूसरा चैनल है। दूरदर्शन पहले से ही डीडी नॉर्थ ईस्ट का प्रसारण कर रहा है। इस पर हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, असमिया और उत्तर पूर्व की अन्य भाषाओं में कार्यक्रम का प्रसारण होता है। 60 करोड़ का यह प्रोजेक्ट कैबिनेट द्वारा आवंटित 1054 करोड़ की राशि का हिस्सा है। इस राशि का मुख्य लक्ष्य प्रसार भारती की तकनीक और संरचना में विकास करना है। 1054 करोड़ रुपए में से लगभग 435 करोड़ आकाशवाणी और 619 करोड़ दूरदर्शन के लिए आवंटित किए गए हैं।
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सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए इटानगर में इस चैनल को पहले ही मंजूरी दे दी है। यह दूरदर्शन का 24 वां चैनल है।
प्रधानमंत्री मोदी सिला सुरंगा की भी आधारशिला रखी। इससे सभी मौसम में आम लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों के लिए पूरे साल तवांग घाटी में आना-जाना संभव हो सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी 110 मेगावॉट के जलविद्युत संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही, अरुणाचल के पुनर्विकसित तेजु हवाई अड्डे का भी उद्घाटन किया। इस दौरान 50 स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश में सभी घरों तक बिजली पहुंच जाने की भी घोषणा की। जोट में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी गई। इससे पूर्वोत्तर राज्यों के फिल्म में रुचि रखने वाले छात्रों को सुविधा होगी।