...जब वीर सावरकर के फोटो के सामने आंख बंद कर बैठ गए प्रधानमंत्री मोदी
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बता दें कि राजनीतिक चिंतक और प्रखर हिंदुत्व के जनक विनायक दामोदर सावरकर को नासिक जिले के कलेक्टर जैकसन की हत्या के लिए नासिक षडयंत्र कांड में 7 अप्रैल, 1911 को काला पानी की सजा पर सेलुलर जेल भेजा गया था। सावरकर 4 जुलाई, 1911 से 21 मई, 1921 तक पोर्ट ब्लेयर की जेल में रहे थे।
सावरकर के कारागार में प्रधानमंत्री मोदी कई मिनटों तक आंख बंद करके बैठे रहे। प्रधानमंत्री ने म्यूजियम का भी भ्रमण किया और विजिटर बुक में अपना संदेश लिखा। सेल से निकलने के बाद प्रधानमंत्री सेंट्रल टावर गए और वहां लगे मार्बल पर अंकित कैदियों के नामों को देखा।
PM @narendramodi pays homage to great visionary #VeerSavarkar in his cell at Cellular Jail, #PortBlair
— Doordarshan News (@DDNewsLive) December 30, 2018
. pic.twitter.com/ZEbKzSZOF7
यहां फैज-ए-खैराबादी, योगेंद्र शुक्ला, बटुकेश्वर दत्त और सचिंद्र सान्याल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखा गया था।
सेलुलर जेल को 1896 से 1906 के बीच कालापानी की सजा के लिए बनवाया गया था। कहा जाता है कि यहां स्वतंत्रता सेनानियों को कड़ा परिश्रम करना पड़ता था। कैदियों को यहां नारियल छीलकर उसमें से तेल निकालना पड़ता था। साथ ही इन्हें यहां कोल्हू में बैल की तरह सरसों व नारियल आदि का तेल निकालना होता था।