नगरोटा मुठभेड़: 26/11 हमला दोहराना चाहते थे आतंकी, पीएम मोदी ने की शाह, डोभाल संग बैठक
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जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में गुरुवार को ट्रक में सवार जैश के आतंकियों से हुई मुठभेड़ के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। आतंकियों की 26/11 की तरह देश दहलाने की साजिश थी। इसे लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजील डोभाल, विदेश सचिव और शीर्ष खुफिया प्रतिष्ठानों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सरकार के सूत्रों ने बताया है कि बैठक से यह बात निकलकर आई है कि आतंकवादी 26/11 मुंबई आतंकी हमले की बरसी पर देश को एक बार फिर दहलाने की साजिश रच रहे थे। गौरतलब है कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक ट्रक में सवार प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को मार गिराया।
PM Narendra Modi held a review meeting with Home Minister, National Security Advisor, Foreign Secretary, and top intelligence establishment over Nagrota encounter. It was found that the terrorists were planning a big attack on the anniversary of 26/11 terror attack: Govt Sources pic.twitter.com/f4ubNq742N
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 20, 2020
भारी मात्रा में मिले हैं हथियार
इस घटना की जानकारी देते हुए आईजी मुकेश सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आतंकियों के पास से 11 एके-47 राइफल, तीन पिस्तौल, 29 ग्रेनेड, मोबाइल फोन, कंपास, गोला-बारूद और अन्य कई उपकरण बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल मारे गए आतंकियों की पहचान नहीं हुई है।
पाकिस्तानी होने से इनकार नहीं
आईजी सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जब से जम्मू—कश्मीर में डीडीसी चुनावों की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से हमारे पास इंटेलिजेंस इनपुट आ रहे थे। इससे हमें जानकारी मिली थी कि चुनाव के मद्देनजर सीमापार से घुसपैठ की आशंका है। साथ ही किसी विशेष टारगेट के लिए हथियारों की तस्करी भी की जा सकती है। जो आतंकी मारे गए हैं हो सकता है वो पाकिस्तान के हों।
चालक फरार होते ही फायरिंग शुरू हो गई थी
आईजी के अनुसार हमने जम्मू श्रीनगर हाईवे के सभी नाकों पर अलर्ट कर दिया था। सभी नाकों पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात थे। चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका गया। शक होने पर जब ट्रक की तलाशी ली गई तो चालक फरार हो गया। इसी दौरान सुरक्षाबलों पर फायरिंग होने लगी। जवाबी कार्रवाई में स्थानीय सेना और अन्य बलों ने भी साथ दिया। यह मुठभेड़ करीब तीन घंटे तक चली। इसमें सुरक्षाबलों पर काफी भारी मात्रा में गोला बारूद से हमला किया गया साथ ही ग्रेनेड भी फेंके गए।