फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Narendra Modi or Priyanka gandhi vadra, who will win the Banaras in lok sabha election 2019

कानों देखी: पीएम या प्रियंका में से किसका होगा बनारस, अरे मुलायम ने यह क्या किया?

Wed, 13 Feb 2019 08:38 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक
शशिधर पाठक Published by: शशिधर पाठक Updated Wed, 13 Feb 2019 08:38 PM IST
विज्ञापन
PM Narendra Modi or Priyanka gandhi vadra, who will win the Banaras in lok sabha election 2019

पीएम या प्रियंका में से किसका होगा बनारस? 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री बनारस से चुनाव लड़ेगे या नहीं? समाजवादी पार्टी और बसपा के नेताओं का कहना है कि उनके पास मुकम्मल जानकारी है। प्रधानमंत्री जी गुजरात से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। राज्यसभा सांसद विश्वंभर प्रसाद निषाद और संजय सेठ को भी यही लग रहा है। दोनों का कहना है कि गंगा मां ने अपने बेटे को बनारस में बुलाया था। अब गुजरात का बेटा वापस जा रहा है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के स्तर पर इसका निर्णय होना है। अभी प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई संकेत भी नहीं दिया है। 

वहीं भाजपा नेताओं में यह चर्चा एक बार फिर तेज है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कहां से चुनाव लड़ेगी? लड़ेंगी या नहीं? भाजपा के नेता भी मानकर चल रहे हैं कि कदाचित प्रियंका बनारस से चुनाव मैदान में उतर गई तो प्रधानमंत्री को सीट जीतने में मुश्किल हो सकती है। जीत भले जाएं लेकिन 56 इंच छाती वाला बहुमत तो नहीं आएगा। वहीं इस बारे में कांग्रेस के नेता मुंह नहीं खोल रहे हैं। पार्टी के प्रवक्ता मीम अफजल प्रियंका के बनारस से चुनाव में उतरने के सवाल पर नो कमेंट कहकर काम चला लेते हैं।
विज्ञापन


क्या मोदी जी सत्ता में लौटेंगे?

लाख टके का सवाल है। यह सवाल कांग्रेस के नेता पूछे तो समझ में आए लेकिन इस समय यह सवाल भाजपा के केन्द्रीय मंत्री और सांसद पूछ रहे हैं। बुधवार को भी यही हुआ। संसद के बजट सत्र का आखिरी दिन था और तीन केन्द्रीय मंत्री, पांच सासदों के भीतर जिज्ञासा साफ दिखाई दी। एक साहब ने एक राज्यमंत्री से उनके स्टाफ को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री जी का जवाब था कि आप भी झेल लीजिए। अब यह कोई चार महीने के लिए ही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चिंता मत कीजिए, चार महीने बाद सबकुछ बदल जाएगा। अब सवाल उठना लाजिमी था कि क्या 2019 में अबकी बार फिर मोदी सरकार का नारा नहीं चलने वाला है तो मंत्री जी का कहना था कि सरकार तो एनडीए की ही बनेगी। यह बात अलग है कि प्रधानमंत्री कौन होगा? मोदी जी होंगे या कोई और। 

तलवार चलेगी और पार्टी के भीतर पानीपत की लड़ाई भी होगी

सांसद जी तैयार हैं। इन्हें आशंका है कि टिकट कटने वाला है। उ.प्र. में बड़े पैमाने पर टिकट कटेंगे। सांसद जी के मित्र सांसद को भी इसी का डर सता रहा है। बनारस से सटे जिले के एक सांसद को भी टिकट कटने की चिंता सताए जा रही है। हालांकि सांसद महोदय को आरएसएस के कृष्ण गोपाल का जी का सहारा है। पिछली बार भी उन्होंने ही दया दृष्टि दिखाई थी। भाजपा के इन सांसदों का मानना है कि इस बार पार्टी में तलवार चलनी तय है। 

यह तलवार या तो टीम मोदी पर चलेगी या फिर टीम मोदी चलाएगी। बताते हैं यह सब फरवरी से मार्च तक होगा। मार्च के पहले सप्ताह में ही चुनाव के तारीखों की घोषणा होगी और उसी समय विरोधी सुर तेज होंगे। सूत्र का कहना है कि अभी पार्टी के भीतर तमाम बड़े नेता मोदी की देश में चमक का आकलन करने में जुटे हैं। वह आश्वस्त हो जाना चाहते हैं कि मोदी जी के बल पर एनडीए सत्ता में लौट पाएगा या नहीं। इसके बाद पार्टी के भीतर ही पानीपत की एक लड़ाई होनी है।

प्रियंका ने उड़ाए होश

उ.प्र. के घाघ कांग्रेसी प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय राजनीति में इंट्री देखकर घरों से निकल आए। जिस आरपीएन सिंह को सपा-बसपा गठबंधन की घोषणा के बाद चुनाव की भैंस पानी में जाती दिखाई दे रही थी, वह भी उत्साहित हो गए। अमेठी के संजय सिंह का खुला दावा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका के आने के बाद 15 से ज्यादा लोकसभा सीटें आनी तय हैं। सब खुशी खुशी लखनऊ भी पहुंच गए। कई नेता नंबर बढ़ाने के खेल में भी जुट गए, लेकिन इन नेताओं के लिए मंगलवार, बुधवार परेशानी लेकर आ गया। प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी के नेताओं के लखनऊ के पार्टी कार्यालय में मंत्रणा शुरू कर दी। 

मंत्रणा में सवाल भी पूछने लगे। सवाल भी ऐसे कि दिग्गजों को जाड़े में पसीना आने लगा। एक वरिष्ठ सांसद महोदय को प्रियंका का संगठन ज्ञान देखकर अपनी ही राजनीतिक समझ छोटी नजर आने लगी। कई टिकट की लाइन में लगे लोगों के तो होश ही उड़ गए। अब प्रियंका अपने इस पूरे होमवर्क के साथ 15 जनवरी को दिल्ली लौट रही हैं। खबर है कि आने के बाद वह पूरी पारदर्शिता से उ.प्र. कांग्रेस की राजनीतिक जमीन तैयार करने का कदम उठाने वाली हैं। इसके साथ-साथ प्रियंका की निगाह राज्य के प्रचार अभियान पर है और वह  ज्योतिरादित्य के साथ तालमेल से इसमें नई जान फूंकने वाली है।

अरे मुलायम ने यह क्या किया?

मुलायम सिंह ने एक बार फिर सबको चौंका दिया। लोकसभा के कार्यकाल का अंतिम दिन था। मुलायम सिंह यादव खड़े हुए और प्रधानमंत्री को ढेर सारी शुभकामना दे दी। कहा प्रधानमंत्री सबको साथ लेकर चले। उन्होंने प्रधानमंत्री को फिर सत्ता में लौटने की शुभकामना दे दी। जब मुलायम कह रहे थे तो बगल में बैठी सोनिया मुस्करा रही थी। मुलामय बैठे तो प्रधानमंत्री ने भी उनका जमकर सम्मान किया। अंत में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इसे मुलायम सिंह यादव का प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद बताया। 

मुलायम के इस रुख से जहां कांग्रेस पार्टी अचंभित है, वहीं समाजवादी पार्टी के नेता इसे मुलायम सिंह की गुगली के तौर पर देख रहे हैं। अब यह तो मुलायम सिंह ही जाने कि उनके मन में क्या है। क्योंकि उनका समूचा राजनीतिक जीवन भाजपा और कांग्रेस के विरोध की राजनीति पर टिका रहा है। पुत्र अखिलेश मोदी जी को सत्ता से हटाने के एजेंडे पर बसपा से गठबंधन कर रहे हैं तो भाई शिवपाल यादव दोनों तरफ बराबर खेल रहे हैं। मुलायम सिंह भी भाई और पुत्र के बीच में राजनीति की आखिरी पारी बराबर खेल रहे हैं।

प्रसिद्धि के पुच्छल तारे हैं नितिन गड़करी 

अरे अपने गड़करी जी कहां हैं? उनसे ज्यादा तो वित्त मंत्री अरुण जेटली का ब्लाग दिखाई दे रहा है। जबकि जेटली जी अमेरिका से इलाज कराकर लौटे हैं। भाजपा के संसद भवन स्थित पार्टी में एक पत्रकार ने जैसे ही सवाल उछाला, सन्नाटा छा गया। थोड़ी देर बाद पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि गड़करी जी प्रसिद्धि के पुच्छलतारे हैं। उनका काम पूरे भारत में दिखाई दे रहा है। कहते हैं कि बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। 


सवाल फिर आया कि आजकल गड़करी और उनके काम की चर्चा कम हो रही है। इसके बाद फिर सब खामोश हो गए। खुसफुसाहट बढ़ गई। पता चला कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व और खुद प्रधानमंत्री भी काफी समय से गड़करी को उनके काम का अब क्रेडिट देने से बच रहे हैं। कहीं न कहीं पार्टी के नेता भी गड़करी को प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प मानने लगे हैं। इस तरह के किसी अंदेशे से बताते हैं शीर्ष नेतृत्व भी काफी चौकन्ना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed