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MEA: इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग अभी शुरुआती चरण में; ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई पर प्रगति की उम्मीद
Sat, 04 Jul 2026 03:35 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 04 Jul 2026 03:35 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग और ब्रह्मोस मिसाइल पर बातचीत शुरुआती दौर में है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर भी सकारात्मक चर्चा चल रही है।
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विदेश मंत्रालय में सचिव रुद्रेंद्र टंडन और विश्वेश नेगी
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही तीन देशों की अहम यात्रा पर जाने वाले हैं। वह 8 और 9 जुलाई को इंडोनेशिया में रहेंगे। इसके बाद 10 जुलाई को वह ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में वह 11 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यह दौरा बहुत खास है। पिछले 40 वर्षों में न्यूजीलैंड जाने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।
पीएम की इंडोनेशिया यात्रा पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस यात्रा को लेकर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस वार्ता की। इसमें विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने कई सवालों के जवाब दिए। इंडोनेशिया को और ब्रह्मोस मिसाइल देने के सवाल पर उन्होंने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग हमारे द्विपक्षीय रिश्तों का एक बहुत जरूरी हिस्सा है। हालांकि, इस पर बातचीत अभी शुरुआती दौर में है।
उन्होंने आगे कहा, अभी इस मामले की गहराई में जाने की कोई जरूरत नहीं है। हम लोग अभी यहां से रवाना भी नहीं हुए हैं। सारी तैयारियां और बातचीत अभी शुरुआती चरण में ही हैं। इंडोनेशिया दौरे पर दोनों देशों की आपसी साझेदारी की समीक्षा पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा।
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ये भी पढ़ें: MEA: भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार समझौते में होगा सुधार, ऑस्ट्रेलिया के साथ CECA पर भी बातचीत तेज
ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने की उम्मीद
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ओशिनिया) विश्वेश नेगी ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु आपूर्ति का समझौता काफी समय से है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस पर अमल नहीं हुआ। अब दोनों देशों के बीच इस विषय पर फिर से गंभीर और सकारात्मक बातचीत शुरू हुई है। सरकार को उम्मीद है कि इस चर्चा का जल्द ही कोई ठोस नतीजा निकलेगा। प्रधानमंत्री 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के आखिरी चरण में 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे। यह दौरा ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि पिछले 40 वर्षों में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ब्रह्मोस मिसाइल और आत्मनिर्भर भारत
ब्रह्मोस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस ने मिलकर तैयार किया है। भारत अब इसे दुनिया के दूसरे देशों को निर्यात करना चाहता है। यह कदम 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत की ताकत को बढ़ाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रह्मोस की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे भारत को एक बड़े हथियार निर्यातक के रूप में पहचान मिल रही है।
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पीएम की इंडोनेशिया यात्रा पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस यात्रा को लेकर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस वार्ता की। इसमें विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने कई सवालों के जवाब दिए। इंडोनेशिया को और ब्रह्मोस मिसाइल देने के सवाल पर उन्होंने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग हमारे द्विपक्षीय रिश्तों का एक बहुत जरूरी हिस्सा है। हालांकि, इस पर बातचीत अभी शुरुआती दौर में है।
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उन्होंने आगे कहा, अभी इस मामले की गहराई में जाने की कोई जरूरत नहीं है। हम लोग अभी यहां से रवाना भी नहीं हुए हैं। सारी तैयारियां और बातचीत अभी शुरुआती चरण में ही हैं। इंडोनेशिया दौरे पर दोनों देशों की आपसी साझेदारी की समीक्षा पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा।
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ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने की उम्मीद
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ओशिनिया) विश्वेश नेगी ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु आपूर्ति का समझौता काफी समय से है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस पर अमल नहीं हुआ। अब दोनों देशों के बीच इस विषय पर फिर से गंभीर और सकारात्मक बातचीत शुरू हुई है। सरकार को उम्मीद है कि इस चर्चा का जल्द ही कोई ठोस नतीजा निकलेगा। प्रधानमंत्री 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के आखिरी चरण में 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे। यह दौरा ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि पिछले 40 वर्षों में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ब्रह्मोस मिसाइल और आत्मनिर्भर भारत
ब्रह्मोस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस ने मिलकर तैयार किया है। भारत अब इसे दुनिया के दूसरे देशों को निर्यात करना चाहता है। यह कदम 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत की ताकत को बढ़ाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रह्मोस की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे भारत को एक बड़े हथियार निर्यातक के रूप में पहचान मिल रही है।