प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ प्रभावित छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक, नई तकनीक के उपयोग पर दिया जोर
दक्षिण-पश्चिमी मानसून और वर्तमान में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने छह राज्यों असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक की।
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देश के कई राज्य इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi held a meeting today through video conference with Chief Ministers of Assam, Bihar, Uttar Pradesh, Maharashtra, Karnataka and Kerala to review their preparedness to deal with south-west monsoon and current flood situation in the country. pic.twitter.com/1aBl7xw8ux
— ANI (@ANI) August 10, 2020विज्ञापन
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने के वास्ते तैयारियों की समीक्षा के लिए असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल बैठक में शामिल हुए। बैठक में बाढ़ के संकट को रोकने के लिए विस्तार से चर्चा की गई।
पीएमओ ने एक बयान में बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए एक स्थायी प्रणाली के लिए सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। पीएम ने बाढ़ के पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।
पूर्व चेतावनी प्रणाली में निवेश बढ़ाए जाने पर जोर दिया
पीएमओ के बयान के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय स्तर पर पूर्व चेतावनी प्रणाली में निवेश बढ़ाए जाने पर जोर दिया, ताकि इलाके के लोग नदी के तटबंध में दरार पड़ने, इलाके के जलमग्न होने या बिजली गिरने जैसे खतरों के मामले में समय रहते आगाह हो सकें।प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्यों द्वारा लोगों को राहत और बचाव कोशिशों के दौरान मास्क पहनने, हाथ स्वच्छ रखने और एक दूसरे से पर्याप्त दूरी रखने जैसे स्वास्थ्य संबंधी सभी एहतियातों का पालन अवश्य सुनिश्चित कराना चाहिए।
प्रभावितों के लिए मास्क, सैनिटाइजर का हो प्रावधान
उन्होंने कहा कि राहत सामग्री में हाथ धोने और सैनिटाइज करने के लिए वस्तुओं के साथ प्रभावित लोगों के लिए मास्क के प्रावधान शामिल किए जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वृद्ध लोगों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों के लिये विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए।करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और जी किशन रेड्डी के साथ केंद्रीय मंत्रालयों और संबद्ध संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।