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यूपी से निपटते ही गुजरात के सियासी मोर्चे पर जुटे पीएम मोदी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Mar 2017 04:19 AM IST
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पांच राज्यों में मैराथन चुनाव प्रचार करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना समय गंवाए गुजरात के सियासी मोर्चे पर जुट गए हैं। चूंकि प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम मोदी वहां की चुनावी रणनीति में रत्ती भर भी चूक नहीं होने देना चाहते।
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खास बात यह है कि इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के इतर गुजरात में पीएम मोदी अपने दम पर चुनावी रणनीति को अमली जामा पहनाएंगे। ऐसे में चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले पीएम मोदी सूबे को दो-तीन बार और दौरा कर सकते हैं। गौरतलब है कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद राज्य के सियासी समीकरण में व्यापक बदलाव आए हैं। खासतौर से पार्टी अपना परंपरागत वोट बैंक रहे पटेल बिरादरी और दलितों के नाराज होने से चिंतित है।
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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक गुजरात विधानसभा चुनाव की चुनौती यूपी विधानसभा चुनाव की तरह ही बहुत बड़ी है। चूंकि यह प्रधानमंत्री का गृह राज्य है। फिर पीएम मोदी ने राज्य में तमाम अनुमानों को झुठलाते हुए कई बार पार्टी को रिकार्ड जीत दिला चुके हैं। ऐसे में एक बार फिर से सारा दारोमदार पीएम मोदी पर है। हालांकि पार्टी इस राज्य को ले कर ज्यादा चिंतित इसलिए भी नहीं है कि पीएम मोदी सूबे के विधानसभा चुनाव की खुद व्यूह रचना में लगे हैं। मंगलवार से शुरू हुई दो दिवसीय यात्रा के दौरान निश्चित रूप से पीएम मोदी संगठन को कई अहम निर्देश देंगे। खासतौर से नाराज पटेल और दलित बिरादरी को साधने के टिप्स भी देंगे।
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पटेल आरक्षण आंदोलन और उना में दलितों की सार्वजनिक पिटाई के कारण यह दोनों बिरादरी पार्टी से नाराज चल रही है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री कहते हैं कि गुजरात में इस बार सत्ता विरोधी लहर चल रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का सूबे में ज्यादा समय देने का कोई लाभ हासिल नहीं होगा।