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पीएम के संबोधन की बड़ी बातें: 14 करोड़ बुजुर्ग और तीन करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगेगी एहतियाती खुराक, तीसरी लहर को रोकने में मिलेगी मदद
Sun, 26 Dec 2021 12:29 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 26 Dec 2021 12:29 AM IST
सार
PM Modi Speech: अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे बड़ा एलान 15 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर किया। उनके भाषण की 10 बड़ी बातें क्या-क्या रहीं, जानिए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की बड़ी बातें।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण को लेकर अहम एलान किया। देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे बड़ा एलान 15 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम और बुजुर्ग व फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए कोरोना वैक्सीन की एहतियती खुराक को लेकर किया।
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यह एलान इसलिए भी अहम है, क्योंकि देश पर ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर की आशंकाओं से नजर नहीं फेरी जा सकती। देश में 15 से 18 साल के किशोरों की अनुमानित संख्या आठ करोड़ के ज्यादा है। वहीं, 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों का आंकड़ा करीब 14 करोड़ और फ्रंट लाइन वर्कर्स की संख्या तीन करोड़ है। ऐसे में पीएम मोदी का एलान कोरोना की संभावित तीसरी लहर रोकने के मामले में मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है। उनके भाषण की 10 बड़ी बातें क्या-क्या रहीं, जानिए...
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- 15 से 18 साल के किशोरों के लिए देश में वैक्सीनेशन शुरू होगा। सोमवार 3 जनवरी 2022 से इसकी शुरुआत होगी। यह फैसला कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को तो मजबूत करेगा ही, स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हमारे बच्चों और उनके माता-पिता की चिंता को भी कम करेगा।
- हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स का देश को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ा योगदान है। वे आज भी कोरोना के मरीजों की सेवा में अपना बहुत समय बिताते हैं। इसलिए एहतियात की नजर से सरकार ने निर्णय लिया है कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की एहतियाती खुराक देना भी शुरू की जाए। इसकी शुरुआत सोमवार 10 जनवरी 2022 से होगी।
- अब तक का अनुभव है कि जो अधिक आयु वाले हैं और जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। 60 साल से ऊपर की आयु के गंभीर रोगियों को उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की एहतियाती खुराक का विकल्प उपलब्ध होगा। यह भी 10 जनवरी से शुरू होगा।
- आज दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। सावधान रहें, सतर्क रहें। मास्क का भरपूर प्रयोग करें। हाथों को समय समय पर धोना इस बात भूलना नहीं है।
- आज जब वायरस म्यूटेट हो रहा है तो हमारा आत्मविश्वास भी मल्टीप्लाई हो रहा है। हमारी इनोवेटिव स्पिरिट भी बढ़ रही है। आज देश के पास 18 लाख आइसोलेशन बेड्स हैं। 5 लाख ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स हैं। 1 लाख 40 हजार आईसीयू बेड्स हैं। आईसीयू और नॉन आईसीयू बेड्स को मिला दें तो 90 हजार बेड्स बच्चों के लिए हैं।
- आज देश में ऑक्सीजन प्लांट्स हैं। 4 लाख से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर देश में दिए गए हैं। राज्यों को पर्याप्त टेस्टिंग किट्स और दवाओं के बफर स्टॉक दिए जा रहे हैं।
- हमारे देश में भी इस बीमारी की गंभीरता को समझते हुए बहुत पहले वैक्सीन निर्माण पर मिशन मोड में काम करना शुरू कर दिया था। वैक्सीन पर रिसर्च के साथ ही अप्रूवल प्रोसेस, सप्लाई चेन, ट्रेनिंग, डिस्ट्रूीब्यूशन, सर्टिफिकेशन पर भी हमने निरंतर काम किया। इन तैयारियों का ही नतीजा था कि भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था।
- ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है। आज भारत की वयस्क जनसंख्या में 61 फीसदी से ज्यादा को दोनों डोज लग चुकी हैं। इसी तरह 90 फीसदी वयस्कों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है।
- आज हर भारतवासी इस बात पर गर्व करेगा कि हमने दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे विस्तारित और सबसे कठिन भौगोलिक स्थिति के बीच इतना कठिन वैक्सीनेशन कैंपेन चलाया। टूरिज्म की दृष्टि से अहम राज्य गोवा, उत्तराखंड और हिमाचल ने 100 फीसदी सिंगल डोज का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
- हमारे देश में जल्द ही नेसल वैक्सीन और दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन शुरू होगी। देश को सुरक्षित रखने के लिए और देशवासियों को सुरक्षित रखने के लिए हमने निरंतर प्रयास किए हैं।
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