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उत्तराखंड: केदारनाथ में आदि गुरू शंकराचार्य की मूर्ति का पीएम मोदी ने किया अनावरण, मूर्तिकार योगीराज बोले मेरे लिए सबसे बड़ा पल
Fri, 05 Nov 2021 02:28 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Nov 2021 02:28 PM IST
सार
मूर्तिकार योगीराज ने बताया कि इस मूर्ति को बनाने के लिए काले ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग किया गया है। मूर्ति 12 फुट ऊंची है, जिसका वजन करीब 28 टन है।
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पीएम मोदी ने किया आदिगुरू शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम में आदि गुरु शंकराचार्य की जिस मूर्ति का अनावरण किया, उसे मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। पीएम द्वारा मूर्ति का अनावरण किए जाने से बेंगलुरू के अरुण योगीराज काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मेहनत सफल हो गई है।
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उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बेहद खुशी का पल है। हमने प्रतिदिन कम से कम 14 घंटे काम करके नौ महीने में इस मूर्ति को तैयार किया था। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति को देश के नाम कर दिया।
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12 फुट ऊंची 28 टन की है प्रतिमा
योगीराज ने बताया कि जब सरकार ने शंकराचार्य की मूर्ति स्थापित करने का फैसला किया, तो इसके लिए देशभर के मूर्तिकारों से मूर्ति के नमूने आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने कहा, आखिरकार मेरा नमूना चुना गया और तब से प्रधानमंत्री कार्यालय निजी तौर पर इस कार्य की प्रगति की निगरानी कर रहा था। योगीराज ने बताया कि मूर्ति बनाने के लिए मैसुरू में एचडी कोटे से काले ग्रेनाइट के पत्थर का चयन किया गया और सात लोगों की एक टीम ने इस काम को अंजाम दिया। उनके मुताबिक, 12 फुट ऊंची प्रतिमा का वजन करीब 28 टन है। मूर्ति जुलाई में बनकर तैयार हो गयी थी, जिसके बाद इसे उत्तराखंड ले जाया गया। मूर्ति को भारतीय वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से निर्धारित स्थान पर ले जाया गया।
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नौकरी छोड़ने के बाद बनाने लगे मूर्ति
एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद योगीराज को एक अच्छी नौकरी भी मिली थी, लेकिन वे मूर्तिकार बनना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने नौकरी छोड़कर मूर्ति बनाना शुरू कर दिया।