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'वो भी जुमला था, ये भी जुमला है'

Wed, 10 Aug 2016 06:49 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Wed, 10 Aug 2016 06:49 PM IST
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pm modi trolls over social media
cartoon - फोटो : bbc
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के महीनों में दलितों पर हुए हमलों के मुद्दे पर उसी सप्ताह कहा था कि यदि कोई हमला करना चाहता है तो उन पर करे, दलितों पर नहीं। इसके बाद उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर कहा कि वो कश्मीर को लेकर उसी रास्ते पर चल रहे हैं, जिस रास्ते को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनाया था। इन दोनों बयानों को खबरों में तो जगह मिली लेकिन सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इन पर चर्चा की और इन्हें जुमला कहा। बुधवार को इन बयानों को ले कर #diljumlajumlahogaya (दिल जुमला जुमला हो गया) ट्विटर पर ट्रेंड पर रहा है।
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अभिषेक सिंह ने लिखा है, "हमने देखा है कि पीएम मोदी ने पिछले दो दिनों में दो खोखले भाषण दिए हैं।" आरओएफएल क्रिटिक ने एक कार्टून ट्वीट किया है जिसे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने रिट्वीट किया है। इसमें मोदी के "दलितों को मारने से पहले मुझे मारो" वाले बयान पर चुटकी लेते कार्टून में मोदी कह रहे हैं, "अरे कमब्खतों। वो एक जुमला था।"
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'जानवर प्लास्टिक से, लोग पॉलिटिक्स से मर रहे हैं'

pm modi trolls over social media
नरेंद्र मोदी
तहसीन पूनावाला ने लिखा है, सबसे बढ़िया ड्रामेबाज का पुरस्कार। पहला - स्मृति ईरानी को 'मैं अपना सर काट कर रख दूंगी' और दूसरा - नरेंद्र मोदी को 'दलितों को मारने से पहले मुझे मारो' कहने के लिए। पार्थ पटेल लिखते हैं, "शब्दों से जमीनी मुद्दे नहीं सुलझेंगे।" वहीं मंजू जाधव ने लिखा है, "आज हम उस दौर में हैं जहां जानवर प्लास्टिक से और इंसानियत पॉलिटिक्स से मर रही है।"



पोली सरकार ने लिखा, "आश्चर्य है कि मोदी दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकने के लिए कुछ नहीं कहा, वो अपने डॉयलॉग में लगे रहे।" सैयद मकबूल ने लिखा है "56 जानों के जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की नींद खुली। किया वे 55 का आंकड़ा पार होने का इंतजार कर रहे थे।" जबकि स्नेह अरोड़ा ने लिखा है, "बढ़ती हुई महंगाई और घटती हुई कमाई को देखकर तो आधारकार्ड की नहीं उधार कार्ड की जरूरत महसूस हो रही है।"
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