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मोदी ने नई योजनाओं के मरहम से की सियासी नुकसान की भरपाई
एम संजय/ नई दिल्ली
Updated Sun, 01 Jan 2017 05:28 AM IST
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पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत और सामाजिक विकास की योजनाओं के मरहम के जरिये नोटबंदी से हुए सियासी नुकसान की भरपाई का प्रयास किया है। नोटबंदी के 50 दिन गुजर जाने के बाद नव वर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने किसान, महिला, बुजुर्ग, ग्रामीण और मध्य वर्ग को लुभाने वाले कदम उठाने के साथ हर उस वर्ग को साधने का प्रयास किया, जिस पर नोटबंदी के कदम का विपरीत असर पड़ने की बात कही जा रही थी।
इस कवायद में पीएम मोदी ने लघु उद्योग को भी बड़ा राहत प्रदान किया है। सरकार की तरफ से और कठोर कदम उठाने की बात कही जा रही थी। मगर सियासी नुकसान के मद्देनजर मोदी ने कोई कठोर कदम का एलान करना मुनासिब नहीं समझा है। संघ की ओर से भी पीएम को यह कहा गया था कि नोटबंदी सरीखे कड़वी दवा के बाद वे अभी और कोई कठोर कदम न उठाएं। वरना जनता में दांव उल्टा पड़ सकता है।
नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाली महिलाओं को साधने के कवायद में गर्भवती महिला को 6000 रुपये देने की पीएम ने नई योजना का ऐलान किया है। वहीं किसान और ग्रामीण आबादी जिसे नोटबंदी के बाद रुपयों के लिए सबसे ज्यादा किल्लत झेलनी पड़ी है। उस पर राहत का मरहम लगाते हुए पीएम ने कहा है कि वर्ष 2017 में जो ग्रामीण अपना घर बनाना या विस्तार करना चाहते हैं तो उन्हें दो लाख के लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज की राहत दी जाएगी। तो शहरी गरीब को ध्यान में रखते हुए मकान बनाने के लिए नौ लाख के ऋण पर चार प्रतिशत की राहत और 12 लाख पर तीन प्रतिशत की राहत का एलान किया है।
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किसानों को राहत देते हुए पीएम ने कहा कि जिन किसानों ने रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था, सरकार उसके 60 दिन का ब्याज वहन करेगी। नाबार्ड और सहकारी बैंकों को वह राशि सरकार देगी। तो असंगठित क्षेत्र में रोजगार छीनने से मजदूरों में बढ़ रही चिंता को दूर करने के कवायद में पीएम मोदी ने पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों की संख्या का लक्ष्य 33 प्रतिशत बढ़ाया है। तो बैंकों को नसीहत दी है कि वे गरीबों को ध्यान में रखकर काम करें।
लघु उद्यम क्षेत्र (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट गारंटी की राशि एक करोड़ से बढ़कर दो करोड़ की गई है। इसमें एनबीएफसी कंपनियों के लोन को भी शामिल किया जाएगा। पीएम ने कहा है कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को इससे लाभ होगा। लघु व्यापार के लिए सरकार ने क्रेडिट लिमिट को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। तो डिजिटल लेनदेन की स्थिति में टैक्स आठ प्रतिशत के बजाय छह प्रतिशत की दर से लिया जाएगा।
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इस कवायद में पीएम मोदी ने लघु उद्योग को भी बड़ा राहत प्रदान किया है। सरकार की तरफ से और कठोर कदम उठाने की बात कही जा रही थी। मगर सियासी नुकसान के मद्देनजर मोदी ने कोई कठोर कदम का एलान करना मुनासिब नहीं समझा है। संघ की ओर से भी पीएम को यह कहा गया था कि नोटबंदी सरीखे कड़वी दवा के बाद वे अभी और कोई कठोर कदम न उठाएं। वरना जनता में दांव उल्टा पड़ सकता है।
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नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाली महिलाओं को साधने के कवायद में गर्भवती महिला को 6000 रुपये देने की पीएम ने नई योजना का ऐलान किया है। वहीं किसान और ग्रामीण आबादी जिसे नोटबंदी के बाद रुपयों के लिए सबसे ज्यादा किल्लत झेलनी पड़ी है। उस पर राहत का मरहम लगाते हुए पीएम ने कहा है कि वर्ष 2017 में जो ग्रामीण अपना घर बनाना या विस्तार करना चाहते हैं तो उन्हें दो लाख के लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज की राहत दी जाएगी। तो शहरी गरीब को ध्यान में रखते हुए मकान बनाने के लिए नौ लाख के ऋण पर चार प्रतिशत की राहत और 12 लाख पर तीन प्रतिशत की राहत का एलान किया है।
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किसानों को राहत देते हुए पीएम ने कहा कि जिन किसानों ने रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था, सरकार उसके 60 दिन का ब्याज वहन करेगी। नाबार्ड और सहकारी बैंकों को वह राशि सरकार देगी। तो असंगठित क्षेत्र में रोजगार छीनने से मजदूरों में बढ़ रही चिंता को दूर करने के कवायद में पीएम मोदी ने पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों की संख्या का लक्ष्य 33 प्रतिशत बढ़ाया है। तो बैंकों को नसीहत दी है कि वे गरीबों को ध्यान में रखकर काम करें।
लघु उद्यम क्षेत्र (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट गारंटी की राशि एक करोड़ से बढ़कर दो करोड़ की गई है। इसमें एनबीएफसी कंपनियों के लोन को भी शामिल किया जाएगा। पीएम ने कहा है कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को इससे लाभ होगा। लघु व्यापार के लिए सरकार ने क्रेडिट लिमिट को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। तो डिजिटल लेनदेन की स्थिति में टैक्स आठ प्रतिशत के बजाय छह प्रतिशत की दर से लिया जाएगा।