मोदी ने पुतिन की पीठ थपथपाकर चीन को इशारों में लगाई फटकार
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पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से सीमा पार से जारी आतंकवाद को लेकर की गई निंदा के बाद उनका धन्यवाद किया है। पुतिन दो दिन की यात्रा पर गोवा में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने आए हैं। हालांकि कोहरे के कारण वह करीब 9 घंटे देरी से भारत पहुंचे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने पाक की धरती से अंजाम दिए जा रहे और पाक समर्थित आतंकवाद की निंदा की।
पुतिन के इस रुख का पीएम मोदी ने स्वागत किया और रूस को भारत का पुराना साथी बताते हुए इशारों में ही चीन को फटकार लगाई। चीन जो कि भारत का पड़ोसी हैं, फिर भी दोस्ती निभाने में नकाम रहा है। चीन अपने हितों को साधने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। पाक में पल रहे जैश आतंकी मसूद अजहर को भी चीन आतंकी घोषित नहीं कर रहा है, वहीं चाहें एनएसजी हो, उसमें भी चीन की अड़ंगेबाजी चल रही है। पीएम ने भारत-रूस संबंध को लेकर कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद और उसके समर्थित देशों के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस (बिलकुल भी सहन नहीं करने) की नीति पर अमल किया है।
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दो घंटे तक चली मीडिया ब्रीफिंग से पहले पीएम मोदी ने पुतिन का जी खोलकर स्वागत किया और पुरानी रूसी कहावत कहकर चीन को आगाह किया। पीएम ने कहा ''दो नए दोस्तों से अच्छा एक पुराना दोस्त होता है।''
'हमारी ग्लोबल पार्टनरशिप हैं'
पीएम मोदी ने कहा कि हम भलीभांति जानते हैं कि सीमा पार से अंजाम दिए जाने वाले आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का रूस ने हमेशा स्वागत किया है। वहीं, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल पर भी मेरा और राष्ट्रपति पुतिन का बराबर ध्यान है।
पुतिन की तारीफ में मोदी ने कहा कि वह भारत के प्रति उनके (पुतिन के) स्नेह से वाकिफ हैं। आपका निजी रुझान हमारे संबंधों में मजबूती लाया है। मोदी ने कहा कि भारत और रूस पुरानी दोस्ती और उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। इससे शांति और स्थायित्व का पता चलता है।
मोदी ने कहा कि रूस के साथ भारत ब्रिक्स, यूएन, ईस्ट एशिया समिट, जी20 और एसईओ में शिरकत करता है। इससे पता चलता है कि हमारी ग्लोबल पार्टनरशिप हैं।
भारतीय राजदूत पंकज सारन ने भी भारत-रूस संबंधों को द्विपक्षीय आयामों से परे बताया है। उन्होंने कहा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ऐसे ज्वलंत मुद्दे हैं जिनमें भारत-रूस की हिस्सेदारी है।