UNESCO: PM ने भारत में यूनेस्को समिति के 20वें सत्र की मेजबानी को बताया बड़ी उपलब्धि, कही यह अहम बात
यूनेस्को की प्रमुख बैठक आठ से 13 दिसंबर लाल किले में आयोजित की जा रही है। यह पहली बार है जब भारत यूनेस्को की समिति के किसी सत्र की मेजबानी कर रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत इस बार यूनेस्को की समिति के 20वें सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस मौके पर धानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर यूनेस्को की समिति के 20वें सत्र की मेजबानी करना देश की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति का 20वां सत्र आरम्भ हो गया है। इस मंच ने हमारी साझा जीवित परंपराओं को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने की दृष्टि के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ा है। भारत इस सम्मेलन की मेजबानी करके प्रसन्न है, वह भी लाल किले में। यह हमारे समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत में यूनेस्को समिति के सत्र के आयोजन को सराहा। यूनेस्को की प्रमुख बैठक 8 से 13 दिसंबर तक प्रतिष्ठित लाल किले में आयोजित की जा रही है। यह पहली बार है जब भारत यूनेस्को समिति के किसी सत्र की मेजबानी कर रहा है। ऐतिहासिक लाल किला परिसर को इस आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। देश की साझा परंपराओं को संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इस आयोजन में एक साथ है।
पीएम का संदेश
इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री मोदी का लिखित संदेश उद्घाटन समारोह में केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा पढ़ा गया। इस अवसर पर जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-एनानी सहित मंच पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत इस महत्वपूर्ण सत्र की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने सत्र में शामिल लोगों से कहा, “आप न केवल अपने राष्ट्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि उन जीवंत परंपराओं, कहानियों और ज्ञान का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मानवता को समय के साथ विरासत में मिली है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए विरासत कभी भी सिर्फ पुरानी यादें नहीं रही है, बल्कि यह एक जीवंत और बढ़ती नदी है, ज्ञान, रचनात्मकता एवं समुदाय की एक सतत धारा है। मोदी ने कहा कि अमूर्त विरासत विभिन्न समुदायों को पीढ़ियों तक बांधती है और तेजी से बदलती दुनिया में निरंतरता की भावना प्रदान करती है।
यूनेस्को भारत में ‘दीपावली’ सहित 67 नए नामांकनों की जांच करेगा
दिल्ली के लाल किले में सोमवार को शुरू हुई अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर यूनेस्को के लगभग सप्ताह भर चलने वाले मुख्य सत्र के दौरान भारत के ‘दीपावली’ त्योहार सहित लगभग 80 देशों द्वारा प्रस्तुत कुल 67 नामांकनों की जांच की जाएगी। अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए अंतर सरकारी समिति (आईसीएच) का 20वां सत्र आठ से 13 दिसंबर तक प्रतिष्ठित मुगलकालीन विरासत स्थल पर आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है कि भारत यूनेस्को समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है।