{"_id":"5abecaf14f1c1bbf618b49c2","slug":"pm-modi-says-the-biggest-mistake-of-considering-himself-as-omniscient","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी बोले- खुद को सर्वज्ञानी समझना सबसे बड़ी गलती ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पीएम मोदी बोले- खुद को सर्वज्ञानी समझना सबसे बड़ी गलती
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 31 Mar 2018 05:10 AM IST
विज्ञापन
PM Modi Parliament
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की तरक्की के लिए लगातार 36 घंटे तक युवा इनोवेशन और तकनीक बनाने के लिए इतने बड़े यज्ञ में जुटे हैं। यह देखकर लगता है कि मेरा देश बदल रहा है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सर्वज्ञानी समझने लगे, तो वह जीवन की सबसे बड़ी गलती है। ऐसे ही कोई सरकार भी यह सोच ले कि वह सब कुछ अकेले दम पर कर लेगी, तो उसकी भूल है, इसलिए मैं हमेशा पार्टीशिपेन की बात करता हूं। यदि सब मिलकर काम करेंगे तो हम न्यू इंडिया का सपना पूरा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात स्मार्ट इंडिया हैक्थॉन-2018 के एक लाख छात्रों से शुक्रवार रात को ऑनलाइन चर्चा में कही। मोदी ने स्मार्ट इंडिया हैक्थॉन-2018 के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बधाई देते हुए कहा कि अलग-अलग समस्याओं का समाधान तकनीक से तलाशने का प्रयास सराहनीय है। लगातार 36 घंटे बिना रुके तकनीक का कोर इनोवेशन बड़ी बात है। मैं छात्रों में जो जोश, उत्साह और उम्मीद न्यू इंडिया के लिए देख रहा हूं, उससे लगता कि हम 21वीं सदी में भारत को वो जगह दिला पाएंगे, जिसका वो उत्तराधिकारी है। मोदी ने हल्दी, नमक का उदाहरण देते हुए कहा कि एक जमाने में हम पेटेंट में पिछड़ गए थे, इसलिए पेटेंट और कॉपीराइट की व्यवस्था सुधारने होगी। यूपीए सरकार के दौरान चार हजार पेटेंट थे, जोकि अब 11 हजार तक पहुंच गए हैं।
इनोवेट, पेटेंट प्रोड्यूस और प्रोस्पेरस पर जोर
मोदी ने आईपीपीपी यानी इनोवेट, पेटेंट प्रोड्यूस और प्रोस्पेरस पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन चार सीढ़ियों से देश का विकास जुड़ा है। उन्होंने समस्याओं की जड़ तक जाकर समाधान के लिए आउट ऑफ बॉक्स की तरह नए-नए रास्ते खोजने पर जोर दिया। इस बार सॉफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर को भी जोड़ा जा रहा है। टेक्नोलॉजी का ट्रांसफोर्मेशन हमें ऊंचाई तक पहुंचा देगा। ज्ञान हमारे लिए पावर की तरह प्रयोग करता है, इसलिए उस ज्ञान को बढ़ाने के लिए हम इनोवेटिव होंगे, तो देश तरक्की करेगा। इंनोवेशन एक प्रक्रिया है, जोकि सदैव चलती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात स्मार्ट इंडिया हैक्थॉन-2018 के एक लाख छात्रों से शुक्रवार रात को ऑनलाइन चर्चा में कही। मोदी ने स्मार्ट इंडिया हैक्थॉन-2018 के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बधाई देते हुए कहा कि अलग-अलग समस्याओं का समाधान तकनीक से तलाशने का प्रयास सराहनीय है। लगातार 36 घंटे बिना रुके तकनीक का कोर इनोवेशन बड़ी बात है। मैं छात्रों में जो जोश, उत्साह और उम्मीद न्यू इंडिया के लिए देख रहा हूं, उससे लगता कि हम 21वीं सदी में भारत को वो जगह दिला पाएंगे, जिसका वो उत्तराधिकारी है। मोदी ने हल्दी, नमक का उदाहरण देते हुए कहा कि एक जमाने में हम पेटेंट में पिछड़ गए थे, इसलिए पेटेंट और कॉपीराइट की व्यवस्था सुधारने होगी। यूपीए सरकार के दौरान चार हजार पेटेंट थे, जोकि अब 11 हजार तक पहुंच गए हैं।
विज्ञापन
इनोवेट, पेटेंट प्रोड्यूस और प्रोस्पेरस पर जोर
मोदी ने आईपीपीपी यानी इनोवेट, पेटेंट प्रोड्यूस और प्रोस्पेरस पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन चार सीढ़ियों से देश का विकास जुड़ा है। उन्होंने समस्याओं की जड़ तक जाकर समाधान के लिए आउट ऑफ बॉक्स की तरह नए-नए रास्ते खोजने पर जोर दिया। इस बार सॉफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर को भी जोड़ा जा रहा है। टेक्नोलॉजी का ट्रांसफोर्मेशन हमें ऊंचाई तक पहुंचा देगा। ज्ञान हमारे लिए पावर की तरह प्रयोग करता है, इसलिए उस ज्ञान को बढ़ाने के लिए हम इनोवेटिव होंगे, तो देश तरक्की करेगा। इंनोवेशन एक प्रक्रिया है, जोकि सदैव चलती रहती है।
विज्ञापन