पीएम मोदी ने भारत-अफगानिस्तान संबंधों को और मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई: विदेश मंत्रालय
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अफगानिस्तान की शांति परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अफगान शांति प्रक्रिया और दोहा में चल रही वार्ता पर पीएम मोदी को जानकारी दी। पीएम मोदी ने भारत-अफगानिस्तान संबंधों को और मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई और वहां स्थायी संघर्ष विराम के प्रयासों का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक के दौरान पीएम मोदी ने भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के लिए भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
During the meeting, Prime Minister reaffirmed India's long term commitment to further deepening the historical ties between India and Afghanistan: Anurag Srivastava, MEA https://t.co/hFaPrzWBye
— ANI (@ANI) October 8, 2020विज्ञापन
कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान जवाब देने में विफल रहा है
वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कुलभूषण जाधव मामले से संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर जवाब देने में विफल रहा है। इस साल के अंत में मंत्रिस्तरीय बैठक निर्धारित है। हम पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीखों पर काम करने की प्रक्रिया में हैं। बता दें कि इमरान खान सरकार ने मंगलवार को इस्लमाबाद हाईकोर्ट में कहा कि भारत ने जाधव की पैरवी के लिए वकील नियुक्त नहीं किया है। जबकि हकीकत यह है कि पाकिस्तान बार-बार भारत की तरफ से वकील नियुक्त करने की मांग को ठुकरा रहा है।
सात भारतीयों को लीबिया में किया गया था अपहरण, वे सुरक्षित हैं
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एक निर्माण कंपनी में काम करने वाले सात भारतीयों को 14 सितंबर को लीबिया में अपहरण कर लिया गया था। ट्यूनीशिया में हमारे दूतावास ने लीबिया सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क किया है और इन भारतीयों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं। हमें सूचित किया गया है कि वे सुरक्षित हैं।
हम यूके सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'अब हमें बताया गया है कि कोई गोपनीय कानूनी मामला है और इसका समाधान होने तक उसका प्रत्यर्पण नहीं हो सकता...हम ब्रिटेन सरकार के संपर्क में हैं।' उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण के खिलाफ सभी प्रयासों में माल्या के हार जाने के बाद भारत लगातार ब्रिटेन सरकार के संपर्क में है।