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मोदी का दांवः सैटेलाइट लॉन्चिंग के बहाने बना दिया मिनी सार्क समिट
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
Updated Sat, 06 May 2017 09:47 AM IST
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PM modi
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साउथ एशिया सैटेलाइट जीसैट-9 की लॉन्चिंग के दौरान पीएम मोदी ने पाकिस्तान को छोड़कर दक्षिण एशिया के सभी देशों से संपर्क साधा। पीएम मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग जरिए अफगान राष्ट्रपति अशरफ घानी, बांग्लादेशी राष्ट्रपति शेख हसीना, भूटान पीएम टीशेहरिंग टॉबगे, मालदीव राष्ट्रपति अब्दुला यमीन, नेपाल पीएम पुष्पा कमल दहल और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैथ्रीपाला सीरीसेना जुडे़। साउथ एशियाई देशों से जुड़ने के इस तरीके को 'मिनी सार्क समिट' माना जा रहा है।
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पीएम मोदी ने सभी से जुड़ते हुए संदेश दिया और कहा कि ये एक ऐतिहासिक पल है और इस सैटेलाइट की मदद से दक्षिणी देश आपस में जुड़ेंगे और विकास की एक सीढ़ी तैयार हो गई है। पीएम मोदी ने कहा कि हम एक साथ आ रहे हैं, हमारे लोगों की जरूरतों को सबसे आगे रखने के लिए हमारे असंतुलित संकल्प का प्रतीक है। इससे पता चलता है कि हमारे नागरिकों के लिए हमारे सामूहिक विकल्प के लिए हमें सहयोग देंगे; विनाश और गरीबी नहीं विकास और समृद्धि देंगे।
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इस बीच बांग्लादेश की राष्ट्रपति ने भी इस सैटेलाइट की तारीफ में कहा कि दक्षिण एशियाई राष्ट्रों के बीच उपयोगी साझेदारी के माध्यम से हमारे लोगों का विकास हो सकता है। भूटान के पीएम ने कहा कि ये सैटेलाइट दक्षिणी एशिया का चेहरा बदल देगा। पीएम मोदी के नारे सबका साथ सबका विकास को याद दिलाते हुए अब्दुला यमीन ने कहा कि ये लॉन्चिंग भारत की पड़ोसी देशों के साथ पहली पॉलिसी है और इससे सभी देशों को फायदा पहुंचेगा। वहीं दहल ने कहा कि हम सभी को बेहतर आर्थिक मौकों के लिए साथ आने चाहिए और ये सैटेलाइट उसमें से एक पहल है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सैटेलाइट को लॉन्च करने में भारत की ओर से करीब 450 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। दक्षिण एशिया के 6 देशों को फायदा पहुंचाने वाली इस सिर्फ सैटेलाइट पर 235 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और बाकी खर्चा इसकी लॉन्चिंग में आया है। पीएम मोदी ने इसे सार्क सैटेलाइट करार दिया है। सैटेलाइट का कम से कम एक ट्रांसपोंडर सार्क के सारे देशों के लिए उपलब्ध होगा। जिससे उन्हें एक दूसरे से जुड़ने में मदद मिलेगा। सार्क के देशों को उपहार देने वाला भारत पहला देश बन गया है।