प्रचंड जीत के बाद बोले मोदी, 2022 तक बनाएंगे न्यू इंडिया
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पांच राज्यों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद पार्टी मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 का लक्ष्य रखते हुए कहा कि इस जीत ने हमें न्यू इंडिया की बुनियाद रखने का हौसला दिया है। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर यानी 2022 तक न्यू इंडिया बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ लेकर चलेगी, सरकार बनाने के लिए बहुमत जरूरी होता है लेकिन सरकार चलाने के लिए सर्वमत जरूरी है।
अगले पांच साल का एजेंडा रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से ही भावनात्मक मुद्दों पर लड़ने की जगह भाजपा ने पहली बार विकास के मुद्दे की बेहद कठिन राह चुनी थी। जनादेश ने साबित कर दिया है कि देश का गरीब से गरीब व्यक्ति भी सत्ता से कुछ पाने की मानसिकता को त्याग कर नए भारत की नींव डालना चाहता है।
यदि सवा सौ करोड़ लोग एक साथ संकल्प लेकर उसे पूरा करें तो यह देश पीछे नहीं रहेगा। मध्य वर्ग का बोझ कम करने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 65 फीसदी युवाओं और महिलाओं के सपने से न्यू इंडिया तैयार करेंगे। अगर गरीबों में अपना बोझ उठाने का सामर्थ्य आ गया तो सबसे अधिक करों का बोझ ढोने वाला मध्य वर्ग का बोझ अपने आप कम हो जाएगा।
संकल्प पत्र की तीन बातें दोहराई
भव्य जीत से गदगद प्रधानमंत्री जब पार्टी मुख्यालय से कुछ दूर पैदल ही समारोह स्थल की ओर बढ़े तो पूरा सड़क मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। फूलां की बारिश के बीच मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने एक ओर जहां जीत के लिए पार्टी अध्यक्ष और उनकी टीम को बधाई दी, वहीं भविष्य की चुनौतियों के प्रति भी आगाह कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मतदाताओं का मूड बदल रहा है।
विकास के मुद्दे पर केंद्रित राजनीति की सफलता से मुझे नए हिंदुस्तान का दर्शन करा रहा है। नतीजों ने नौजवानों, महिला समूहों, गरीबों, किसानों के सपनों के नए भारत की नींव रख दी है। यह बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि जीत के बाद हमें और नम्र होना होगा, फल लगते ही पेड़ झुकने लगता है। सरकार भेदभाव नहीं कर सकती। मतदान प्रतिशत बढ़ना लोकतंत्र के प्रति गरीबों-वंचितों के लिए प्रतिबद्धता बढ़ाने का संकेत है।
पांच राज्यों में करिश्माई प्रदर्शन से मिले हौसले पर उन्होंने 2014 के घोषणा पत्र (जिसे वह संकल्प पत्र मानते हैं) की तीन बातें दोहराई। पहली, गलती हो सकती है पर हम कोई गलत इरादे से यह गलती नहीं करेंगे। दूसरी, हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। और तीसरी, हम जो भी करेंगे, प्रमाणिकता के साथ करेंगे। अब सरकार के कार्यकाल के बीच पड़ाव में विरोधी भी मुझसे पूछते हैं कि इतना काम क्यों करते हो। किसी प्रधानमंत्री से ऐसा सवाल नहीं पूछा गया। यह मेरा सौभाग्य है।
कांग्रेस पर भी परोक्ष कटाक्ष
भाजपा के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी को कुछ भी सौगात में नहीं मिला। इसके लिए 4 पीढ़ियों ने अपना जीवन होम कर दिया। संकल्प की राजनीति करने वाली भाजपा संघर्ष के रास्ते पर लगातार विस्तार करती गई। हमारा लक्ष्य दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को पूरा करना है।
गुमनाम चेहरे हैं पर सेवा में कसर नहीं होगी
पीएम मोदी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ऐसे-ऐसे चेहरे चुने गए हैं जो पहले कभी टीवी या अखबारों में नहीं थे। हो सकता है कि उनका अनुभव कम होगा लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि हमारे ये साथी आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।